इंजेक्शन कक्ष के बाहर एआरवी लगाने के लिए खड़े लोग। संवाद
उप जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन की आपूर्ति शुरू हो गई। इंजेक्शन रूम में सोमवार को एआरवी की तीन वायल उपलब्ध करवाई गई। 14 लोगों को एआरवी की पहली डोज दी गई। अमर उजाला में नौ नवंबर के अंक में सरकारी अस्पताल में एआरवी का संकट, 400 रुपये में खरीदनी पड़ रही एक डोज शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद से वैक्सीन की कमी का मुद्दा लगातार खबरों के माध्यम से उठाया जा रहा था।
बीती चार नवंबर को उप जिला अस्पताल में एआरवी का स्टॉक समाप्त हो गया था। निदेशालय स्तर से वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की जा रही थी। कुत्तों, बंदरों और बिल्ली के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल आने लोगों को बाहर से 350 से 400 रुपये खर्च कर वैक्सीन की एक डोज खरीदनी पड़ रही थी। लोगों को अपनी जेब से 350 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे थे। पांच डोज का खर्च 1750 रुपये से दो हजार रुपये तक आ रहा था। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से एआरवी लगवाने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। अन्य जिलों में वैक्सीन की आपूर्ति शुरू कर दी गई थी लेकिन उप जिला अस्पताल में संकट बरकरार था। अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि निदेशालय से एआरवी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। अस्पताल में अब वैक्सीन उपलब्ध है।