केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली 22 अक्तूबर यानी शनिवार को देहरादून आएंगे। वह यहां बुद्धिजीवियों की बैठक में शिरकत करेंगे। जिसमें वे केंद्र की योजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक और आर्थिक मुद्दे पर अपनी राय रखेंगे। साथ ही गुड्स एंड सर्विस टैक्स को लेकर जो संशय की स्थिति है उसको दूर करने की कोशिश करेंगे।
वैसे तो प्रदेश में चुनाव का विगुल बज चुका है। जिसके लिए भाजपा ने उत्तराखंड के मैदान में केंद्रीय मंत्रियों की फौज उतार दी है। हाल के दिनों ने कई केंद्रीय मंत्रियों ने उत्तराखंड का दौरा किया है। 15 अक्तूबर को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद देहरादून आए थे।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडे़कर श्रीनगर पहुंचे। इस माह के शुरू में केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी श्रीनगर आ चुके हैं। इन यात्राओं का मकसद प्रदेश में भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करना है।
अब वैसे तो केंद्रीय वित्त मंत्री शनिवार को एक स्कूल के कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे हैं, लेकिन भाजपा ने इस मौका का फायदा उठाने की योजना बनाई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री की बुद्धिजीवियों के साथ बैठक काफी अहम है। बुद्धिजीवी तो समाज के नीति निर्धारण का काम करते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने की योजना
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भाजपा ने महानगर कार्यालय पर एक मीटिंग की। महानगर अध्यक्ष और कार्यक्रम के संयोजक उमेश अग्रवाल ने बताया कि वित्त मंत्री की बुद्धिजीवियों के साथ बैठक का जो निष्कर्ष निकलेगा उसका फायदा सभी को मिलेगा।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल, खजान दास, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विश्वास डाबर, सीएमआई अस्पताल के एमडी डा. आरके जैन, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, परवादून के जिलाध्यक्ष जितेंद्र नेगी, प्रदेश मीडिया प्रभारी डा. देवेंद्र भसीन, महानगर महामंत्री राजेंद्र सिंह ढिल्लों, अमरजीत सिंह आनंद, चौधरी अजीत सिंह, डा. उदय सिंह पुंडीर, पूनम नौटियाल, पीयूष भंडारी सहित अन्य कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।