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गंगोत्री में उत्तराखंड की धरोहर बनेगी स्वामी सुंदरानंद की आर्ट गैलरी

Mon, 19 Jun 2017 12:07 PM IST
सूरत सिंह रावत/ अमर उजाला, गंगोत्री (उत्तरकाशी)
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gangotri dham - फोटो : amar ujala
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गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में 60 वर्षो में पर्यावरणीय बदलाव के दृश्यों को अपने कैमरे में कैद करने वाले स्वामी सुंदरानंद की आर्ट गैलरी बन कर तैयार हो गई है।
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तीन करोड़ की लागत से बनने वाली यह पांचमंजिला पिरामिडनुमा विश्व स्तरीय आर्ट गैलरी उत्तराखंड के लिए एक अनूठी धरोहर के रूप में देखी जा रही है जो गंगोत्री में देशी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगी। 90 वर्ष उम्र पार कर चुके स्वामी सितंबर में इस के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री मोदी या उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी कर रहे हैं।

भारतीय दर्शन तथा हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार गंगा को पवित्र नदी माना गया है। इसका अपना सामाजिक धार्मिक तथा आध्यात्मिक रूतबा सदियों से दुनिया भर के जिज्ञासुओं को आकर्षित करता रहा है। देश विदेश में अपने द्वारा खींचे चित्रों की प्रदर्शनी से गंगोत्री हिमालय को दुनिया से परिचित कराने वाले स्वामी सुंदरानंद छह दशको से ज्यादा समय से गंगोत्री में रह रहे है।
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गंगोत्री हिमालय के हर दर्रे, ग्लेशियर, हिमशिखरों, घाटी व गाड़ गदेरों से परिचित स्वामी ने यहां का चप्पा-चप्पा छान कर 8 कुंतल फोटो का संग्रहा किया। 12 हजार वर्ग फिट में 45 फुट ऊंची इकोफ्रेंडली लाइटगेज स्टीलफ्रेम वाली आर्ट गैलरी का निर्माण 2015 से शुरू कर दिया था।

तीन सौ डालर कीमत की सिंगापुर में छपाई गई थ्रो द लैंस ऑफ साधु हिमालय नाम पुस्तक की कमाई तथा गंगोत्री हिमालय के शुभ चितंकों की सहायत से इस आर्ट गैलरी की अंतिम चरण की साज सज्जा का काम चल रहा है। सभी फोटो को लेमिनेशन व फ्रेम कराकर तैयार किया जा चुका है। गैलरी में गंगोत्री, गंगा तथा यहां के हिमालय से जुडे विभिन्न साधुसंतो, साधकों, लेखकों की पुस्तीका रखी जाएगी।

स्वामी सुंदरानंद बताते हैं कि उनके द्वारा आर्ट गैरली में रखी जाने वाली चित्र में दिखेगा कि कैसे ग्लेशियर की मौजूदगी वाले गौमुख, रुद्रगैरा, केदारबामक, रक्तवन, सीता, कालिंदी, चतुरंगी, श्वेत, वासुकी, सतोपंथ, सुरालय, सखा, नीलाबंर आदि गंगोत्री ग्लेश्यिर के हिस्से बर्फ विहिन होने से यहां जमीन दिखने लगी है। यह गैलरी पार्यवरण जागरूकता तथा हिमालय पर शोध करने वालों के लिए मददगार होगी।

उनकी पुस्तक थ्रो द लेंस ऑफ साधु हिमालय का विमोचन प्रधानमंत्री रहते अटल विहारी कर चुके हैं। इस वर्ष केदारनाथ के कपाट खुलने के मौके पर वह पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुछ पुरानी फोटो नासिक के कैलाश मठ के महामंडलेश्वर स्वामी संविदानंद महाराज के द्वारा उन्हें भेंट किया था।
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