पद्मावती फिल्म पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को राजपूत समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। रुड़की टॉकीज चौराहे स्थित महाराणा प्रताप चौक पर एकत्रित हुए समाज के लोगों ने फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके पुतले को आग के हवाले किया। साथ ही फिल्म दिखाने वाले सिनेमाघरों में तोड़-फोड़ और आगजनी करने की चेतावनी दी। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष उदय सिंह पुंडीर ने कहा कि पद्मावती फिल्म राजपूत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए बनाई गई है लेकिन, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के फिल्म वितरकों और सिनेमाघर संचालकों को चेतावनी दी जब तक राजपूत समाज को किसी भी दृश्य पर आपत्ति न हो तब तक फिल्म प्रदर्शित न करें।
क्षत्रिय समाज के युवा प्रदेश अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि फिल्म चित्तौड़गढ़ की महारानी पद्मावती पर आधारित है। इसमें तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की गई है। ये कोशिश न सिर्फ हिंदू समाज बल्कि राजपूताना स्वाभिमान के मान-सम्मान पर चोट है और हिंदू संस्कृति को विकृत करने का कृत्य है। प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप चौहान ने कहा कि फिल्म के माध्यम से पूर्वजों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि जिस परदे पर फिल्म लगेगी उस परदे में ही आग लगा दी जाएगी। तहसील तक रैली निकालने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतिका खंडेलवाल के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। इसमें चेतावनी दी यदि इस फिल्म को रिलीज किया गया तो समाज उसके खिलाफ आंदोलन करेगा।