विकासनगर। कोतवाली पुलिस ने सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इससे पूर्व भी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
बीते सोमवार को विकासनगर स्थित खाद्य गोदाम से नैनबाग जा रहे एक ट्रक को रसूलपुर के पास रोककर राशन की कालाबाजारी की जा रही थी। राशन को ट्रक से छोटे वाहन में अनलोड किया जा रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने ट्रक को कब्जे में ले लिया था। ट्रक से कुल 3.17 क्विंटल खाद्यान्न कम मिला था। मामले में सप्लाई इंस्पेक्टर रियल हेड विकासनगर पूनम रावत ने ट्रक चालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने ट्रक चालक सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान लोडर वाहन की संलिप्तता भी प्रकाश में आई थी। इस पर पुलिस ने लोडर चालक अंकित पुत्र यादराम निवासी ग्राम पृथ्वीपुर थाना विकासनगर को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया।
एसआई कविंद्र राणा ने बताया कि राशन की कालाबाजारी में इस्तेमाल किए जा रहे लोडर वाहन को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस टीम में एसआई कविंद्र राणा और कांस्टेबल आशीष राठी शामिल रहे।
असली आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा विभाग
विकासनगर। ह्यूमन राइट्स एंड आरटीआई एसोसिएशन ने सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी मामले में विभागीय अधिकारियों पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा और महासचिव भास्कर चुग ने कहा कि कुछ लोग विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर गरीबों के हक पर डाका डालने का काम कर रहे हैं। मामले में ट्रक और लोडर चालक को पकड़ कर असली आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक विभाग इस बात का पता नहीं लगा सका है कि राशन को अनलोड करने के बाद कहां ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
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सरकारी राशन स्टॉक करने की सूचना पर मारा छापा
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। कैनाल रोड स्थित एक कांप्लेक्स के बेसमेंट में बने गोदाम में सरकारी राशन रखा होने की सूचना पर खाद्य पूर्ति विभाग और तहसील प्रशासन की टीम ने मौके का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच में उक्त राशन सरकारी नहीं पाया गया। तहसील प्रशासन को सूचना मिली थी कि एक कांप्लेक्स में सरकारी राशन रखा गया है। इस पर तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचे। उसने मौके पर गोदाम स्वामी को बुलाकर गोदाम खुलवाया, जहां पर 1760 कट्टे चावल के रखे मिले। वरिष्ठ विपणन अधिकारी हेम जोशी ने बताया कि राशन सरकारी नहीं था। यह चावल कुमाऊं जोन से एफसीआई के गोदाम पर आया था। गुणवत्ता में खरा न उतरने के कारण चावल के इस लॉट को रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद चावल को यहां रख दिया गया। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत यहां चावल जैसे खाद्यान्न का भंडारण कोई भी कर सकता है।