गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान को जूझ रहे किसानों को उत्तराखंड सरकार की ओर से बड़ी राहत मिल सकती है। गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान पर शासन में कसरत चल रही है। इसके लिए इसी महीने करीब 70 करोड़ रुपए तक की धनराशि जारी की जा सकती है।
गन्ना मूल्य बकाया भुगतान की मद में प्रति कुंतल 20 रुपए देने की फाइल शासन में चल रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से इसको हरी झंडी दी जा चुकी है। वर्ष 2014-15 में चीनी मिलों की ओर से तीन करोड़ 51 लाख कुंतल गन्ना खरीदा गया।
20 रुपए प्रति कुंतल की दर से भुगतान की यह राशि करीब 70 करोड़ रुपए बैठेगी। प्रदेश के गन्ना किसानों को इतनी रकम के एकमुश्त भुगतान से बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि सरकार की ओर से 20 रुपए प्रति कुंतल की दर से भुगतान किए जाने को लेकर काम चल रहा है।
यह है खरीद और बकाया की स्थिति
वर्ष 2014-15 में प्रदेश की चीनी मिलों ने 975 करोड़ रुपए का गन्ना खरीदा था। इसमें से अभी तक किसानों को करीब 635 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। किसानों का अभी भी करीब 340 करोड़ रुपए बकाया हैं। इसके लिए किसान कभी चीनी मिल तो कभी गन्ना विभाग के दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं। हरिद्वार जिले में तो किसान आंदोलन भी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा पूरी करने की कवायद
मुख्यमंत्री की ओर से पिछले माह कुमाऊं दौरे के दौरान नवंबर माह तक किसानों को गन्ना मूल्य बकाया का 75 प्रतिशत भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया था।
अगर 70 करोड़ रुपए की धनराशि जारी होती है तो कुल बकाया करीब 270 करोड़ रुपए रह जाएगा। यह राशि बकाया की करीब साढ़े 27 प्रतिशत होगी। इस बीच चीनी मिलों की ओर से थोड़ा-बहुत भी भुगतान किया गया तो 75 प्रतिशत का वादा पूरा हो जाएगा।