गृह विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर फैसला यदि सरकार के पक्ष में आया तो एरियर भुगतान धनराशि की वसूली संबंधित पुलिस कार्मिकों से की जाएगी।
ये है मामला
पुलिस महकमे में सिपाहियों को वर्ष 2008 में छठे वेतनमान का लाभ मिला था। 2011 में कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल का ग्रेड-पे बढ़ा। उन्होंने मांग की कि उन्हें रिवाइज ग्रेड-पे के आधार पर जनवरी 2006 से एरियर दिया जाए। साल 2008 में जब छठा वेतन मान मिला तब कांस्टेबल का ग्रेड-पे 1900 था लेकिन 2011 में 2000 हो गया। इसी तरह से हेड कांस्टेबल का 2000 से 2400 हो गया। वे उरच्चीकृत ग्रेड पे के सापेक्ष 2006 से एरियर मांग रहे हैं।