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उत्तराखंड: बदरीनाथ हाईवे पर औली जा रहा सेना का वाहन खाई में गिरा, तीन जवान घायल 

Sun, 02 Aug 2020 09:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे पर रविवार शाम सेना का वाहन हादसे का शिकार हो गया। सेना का वाहन टंगणी के पास अनियंत्रित होकर अचानक 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में सेना के तीन जवान घायल हुए हैं। 

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जानकारी के अनुसार, सेना का वाहन शाम करीब चार बजे सामग्री लेकर गौचर से औली जा रहा था। इस दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। वाहन के खाई में गिरने से तीन जवान घायल हो गए। घायल जवानों को जोशीमठ में सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया। 


बता दें कि इससे पहले छह जुलाई और दस जुलाई को भी सामग्री लेकर जा रहा सेना का वाहन खाई में गिर गया था। 

जाफराबाद के पास कार पलटी, एक की मौत

कोटद्वार नजीबाबाद हाईवे पर जाफराबाद के पास एक कार गड्ढ़े में अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जंगल में पलट गई। दुर्घटना में एक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी लोग कार से अपने गांव गवाणी चौबट्टाखाल से हरिद्वार अपने रिश्तेदार की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे थे। 

वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप नेगी ने बताया कि रविवार दोपहर 12 बजे के करीब कोटद्वार और नजीबाबाद के मध्य जाफराबाद के समीप एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरकर जंगल में पलट गई। सूचना पर पहुंची कोटद्वार और नजीबाबाद की पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

पुलिस ने सभी पांच घायलों को कार से बाहर निकालकर उपचार के लिए बेस अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दीपक सिंह गुसाईं (40) पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी ग्राम चोपड़ा, पोस्ट गवाणी, तहसील चौबट्टाखाल को मृत घोषित कर दिया। घायलों में हर्षपाल सिंह भंडारी (44), पुत्र बचन सिंह उसका भाई दर्शन सिंह भंडारी (40), ताजवर सिंह भंडारी (42) पुत्र कुंवर सिंह, कार चालक/मालिक लक्ष्मण सिंह भंडारी (42) पुत्र दलवीर सिंह सभी निवासी ग्राम चोपड़ा, पोस्ट गवाणी, तहसील चौबट्टाखाल शामिल हैं।

कार चालक लक्ष्मण सिंह भंडारी ने बताया कि सड़क में गड्ढ़ा होने के कारण कार अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे उतर गई और कई पलटियां खाने के बाद एक पेड़ पर जा टकराई। 
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तोरती गांव में छाया मातम, घरों में नहीं जले चूल्हे

देवाल में रक्षाबंधन से दो दिन पहले तोरती गांव में गदेरे पर पुल निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढे में डूबकर हुई दो किशोरों की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है। रविवार को गांव में लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले। लोग मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। 

तोरती गांव में पीएमजीएसवाई विभाग की ओर से खेता-तोरती सड़क पर पुल बनाने के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश का पानी भरने के कारण वह तालाब बन गया था और इसमें डूबने से दो किशोर की मौत हो गई थी। विक्रम ने (18) ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा की थी वहीं राइंका मेलखेत में पढ़ने वाले अनिल (17) इंटरमीडिएट का छात्र था। अनिल के पिता आगरा में प्राईवेट नौकरी करते हैं।

अनिल तीन भाई व एक बहन है और घर में सबसे छोटा था। अनिल की बहन ने दो दिन पहले ही रक्षाबंधन पर भाई के लिए देवाल से राखी मंगवाई थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। राखी से पहले ही उसका भाई दुनिया से चला गया। इसी गांव के विक्रम के पिता नरेंद्र लाल ग्रीफ में दीमापुर में कार्यरत हैं। 29 जून को वे घर से ड्यूटी के लिए गए थे और लॉकडाउन के कारण घर नहीं आ सके। विक्रम के दो भाई और तीन बहिनें हैं। दोनों की मौत से गांव में मातम छाया है। मृतकों के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

पीएमजीएसवाई की ओर से पुल निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया है और दो माह से काम बंद है। इस मार्ग पर गांव के बच्चे गाय चराने के लिए जाते हैं। विभाग व ठेकेदार को यहां पर बने गड्ढे पर सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए।
- भारती देवी, ग्राम प्रधान, तोरती।

तोरती गांव के पास पुल का काम बरसात के कारण बंद है। गड्ढे में डूबकर हुई मौत की जानकारी नहीं है। आज ही घटना की जानकारी ली जाएगी।
- प्रमोद गगाड़ी, ईई पीएमजीएसवाई।
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