ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह पहाड़ियां दरक रही हैं। कई जगहों पर मार्ग संकरा और खस्ताहालत में पहुंच गया है। नंदप्रयाग से चमोली (10 किमी) तक पर ऑल वेदर रोड के तहत चट्टानों की कटिंग का काम बारिश के कारण आधा-अधूरा छूटा हुआ है। अब हल्की बारिश में भी चट्टान पर अटका मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ रहे हैं।
बिरही मोड़, कुहेड़, हिलेरी पार्क नंदप्रयाग, भनेरपाणी, बाजपुर, चमोली चाड़ा, पागलनाला और हेलंग में ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से चट्टानें कमजोर हो गई हैं। लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पर सफर कर रहे हैं। बाजपुर में करीब दो सौ मीटर पहाड़ी पर भूस्खलन हो रहा है। एनएचआईडीसीएल की ओर से जगह-जगह मशीनें और मैन पावर की तैनाती तो की गई है, लेकिन भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आने से लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है।
नंदप्रयाग की नगर पंचायत अध्यक्ष डा. हिमानी वैष्णव का कहना है कि बरसात में हिल कटिंग का कार्य रोककर सिर्फ हाईवे को सुचारु रखने का काम किया जाना चाहिए। भनेरपाणी में करीब तीन सौ मीटर हिस्से में वाहनों की आवाजाही चट्टानी भाग पर हो रही है। यहां चट्टान से रुक-रुककर बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ रहा है।
बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे लगातार तीसरे दिन बंद है। कई गांवों का बड़कोट तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। शुक्रवार रात की बारिश के बाद हुए भूस्खलन से जनपद के एक दर्जन से अधिक संपर्क मोटर मार्ग भी बाधित हैं।
ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य और बारिश के कारण खनेड़ा पुल के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से यमुनोत्री हाईवे शुक्रवार सुबह बाधित हुआ था, जिसे सुचारु करने से पहले ही शुक्रवार रात की बारिश के बाद उक्त स्थान के साथ-साथ रानाचट्टी, ओजरी डबरकोट व पालीगाड़ क्षेत्रों में भी दोबारा भूस्खलन हो गया। शनिवार को मौसम खुलने के बाद एनएच विभाग द्वारा अधिकांश स्थानों से मलबा हटा दिया गया, लेकिन खनेड़ा पुल के पास जमा मलबे को हटाने में दिक्कत आ रही है।
उधर, शुक्रवार देर रात की बारिश के बाद जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण ब्रह्मखाल-जुणगा, अलेथ, सिलक्यारा-बनगांव, मुसड़गांव, बनचौरा-बनगांव, छैजुला-कवाटा, गड़त, नौगांव-पौंटी, चोपड़ा-कांधला, गढ़ अंबेडकर, कुज्जन-तिहार, सिंगोट और खुरमोला मोटर मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।