सेना भर्ती रैली में गढ़वाल के सात जिलों से पहुंचे कुल 44,245 युवाओं में सिर्फ 2,802 दौड़ में सफल रहे।
दौड़ में दिखाया दम
रैली के दौरान जहां रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और देहरादून जिले का सफलता का प्रतिशत सात रहा वहीं चमोली के सिर्फ 6 प्रतिशत युवा ही चार चक्कर की दौड़ में दम दिखा पाए।
गौचर मेला मैदान में बीते 4 से 8 मार्च से शुरू हुई भर्ती में उमड़े युवाओं के 90 प्रतिशत से अधिक के दौड़ में बाहर हो जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
डेढ़ किमी की दौड़ में पहले चक्कर में ही युवा हांफने गए। रैली में चमोली जिले से सबसे अधिक युवा पहुंचे, लेकिन दम दिखाने में 735 ही सफल हो पाए। अन्य जिलों की भी यही स्थिति रही।
ये हैं सफलता के मंत्र
- सी-फूड (मछली) का सेवन
- कम से कम पांच से छह माह पूर्व दौड़ का अभ्यास
- आयोडीन नमक का नियमित उपयोग
- पौष्टिक अनाज का सेवन
- सुबह के समय गुड़ और भीगे का करें सेवन
- जूस, फल और अंडे का सेवन
- सिगरेट और शराब से दूरी
- पूरी नींद लें
- नियमित अंतराल पर डाक्टरी सलाह लें
... तो नशे के आदी हो रहे युवा
युवाओं में नशे की बढ़ती लत का खुलासा बाजारों में हुई शराब आदि की बिक्री से भी हुआ है। रविवार शाम से बुधवार तक शराब, बीयर और मांस की बिक्री अन्य दिनों की तुलना में 15 से 25 प्रतिशत अधिक रही।