सेना ने छावनियों में आधारभूत ढांचा विकसित करने के साथ फायरिंग रेंज और अन्य ट्रेनिंग सुविधाएं विकास करने का खाका तैयार किया है। परियोजनाओं के लिए सेना ने भूमि अधिग्रहण सहित नए निर्माणों में प्रदेश सरकार से सहयोग के लिए प्रस्ताव भेज दिए हैं। क्लेमेंटाउन, रायवाला, गढ़ी और रुड़की कैंट में छावनियों में आवासीय, पुल, सड़क और सैन्य प्रशिक्षण संस्थान विकसित होने है।
शासने को भेजे प्रस्ताव
सेना ने सिविल और गैर सिविल आबादी वाली छावनियों में कई तरह परियोजनाएं तैयार की हैं। ट्रेनिंग प्रोग्राम के साथ छावनियों में सुविधाओं के लिए भूमि सेना की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विभिन्न आर्मी फार्मेशन से आए प्रस्तावों को उत्तराखंड सब एरिया ने शासन को भेज दिए हैं।
इन सभी प्रस्तावों पर द्विस्तरीय वार्ता में दोनों पक्षों ने इसपर आम राय बना ली है, लेकिन सीएम और जीओसी इन सी मध्य कमान के बीच मार्च अंत में प्रस्तावित बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फायरिंग रेंज और वाटरमेन ट्रेनिंग सेंटर
सेना रायपुर स्थित अपनी फील्ड फायरिंग रेंज के म्यूटेशन को लटकी प्रक्रिया में मदद चाहती है। गंग नहर रुड़की पर सेना प्रशिक्षण और वाटर स्पोर्टस के लिए लगभग 20 एकड़ भूमि चाहती है। गंग नहर पर 6.97 एकड़ भूमि वाटर स्पोर्टस काम्पलेक्स के लिए अधिग्रहित करना चाहती है। वहीं रुड़की में गंग नगर के पश्चिमी किनारे पर सेना की वाटर ट्रेनिंग परिसर के लिए 12.40 एकड़ भूमि की लीज को बढ़ाया जाना है।
ढांचागत विकास के प्रस्ताव
- देहरादून कैंट में 33 केवी और 132 केवी एचटी लाइन
- क्लेमेंटटाउन कैंट की सीमा पर रिंग रोड का निर्माण
- राइवाला मिलिट्री स्टेशन में ओवर ब्रिज का निर्माण
- जामुनवाला (गढ़ी कैंट) में नून नदी पर पुल का निर्माण
- घंघोड़ा (गढ़ी कैंट) में अतिक्रमण हटाने में मदद
- देहरादून कैंट की सीवरेज योजना को शहर की योजना से जोड़ना