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पत्नी और बेटी के साथ आर्मी चीफ पहुंचे बदरीनाथ और गंगोत्री धाम, लगे भारत माता की जय के नारे

Fri, 20 Sep 2019 09:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
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परिवार सहित बदरीनाथ पहुंचे आर्मी चीफ - फोटो : अमर उजाला
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भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बृहस्पतिवार को बदरीनाथ और गंगोत्री धाम के दर्शन किए। आर्मी चीफ ने दोनों धामों में पूजा अर्चना कर भारतीय सेना और राष्ट्र की कुशलता की कामना की। बदरीनाथ में वेद पाठियों ने वेद मंत्रों से भगवान बदरीनाथ का अभिषेक किया।

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 जनरल बिपिन रावत पत्नी संग बृहस्पतिवार सुबह बदरीनाथ धाम पहुंचे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने उनका स्वागत किया। रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और उनके ब्राह्मण पंकज डिमरी ने पूजा और वेदमंत्रों से भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना की। करीब पंद्रह मिनट तक उन्होंने बदरीनाथ की संकल्प पूजा की। उन्होंने मंदिर परिसर में माता लक्ष्मी, घंटाकर्ण भगवान और हनुमान मंदिर के दर्शन भी किए।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें भगवान बदरीनाथ के अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न और प्रसाद के रुप में चौलाई के लड्डूू व तुलसी की माला भेंट की। आर्मी चीफ जनरल रावत ने अपने पुश्तैनी बही खाते में अपना और अपने परिवार का नाम भी दर्ज किया। पंडित पंकज डिमरी ने उन्हें वर्ष 2021 में बदरीनाथ धाम में आयोजित होने वाले विशाल भागवत कथा में प्रतिभाग करने का न्योता भी दिया। मंदिर समिति की सदस्य चंद्रकला ध्यानी ने उन्हें भगवान बदरीनाथ की फोटो भेंट की। 
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उधर, गंगोत्री धाम में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गंगा की पूजा-अर्चना कर मां गंगा से भारतीय सेना और राष्ट्र की कुशलता की कामना की। पितृ पक्ष में यात्रा के चलते उन्होंने गंगोत्री में पितरों को तर्पण भी दिया। साथ ही गंगोत्री धाम में नवनिर्मित तपोवनम् हिरण्यगर्भ आर्ट गैलरी का अवलोकन कर इसके संस्थापक स्वामी सुंदरानंद से आशीर्वाद भी लिया। गंगोत्री से लौटते समय सेना प्रमुख ने धराली स्थित कल्प केदार मंदिर और मुखबा गांव के दर्शन भी किए। वह रात्रि विश्राम के लिए हर्षिल में ठहरे हैं। तीर्थ पुरोहितों ने ढोल नगाड़ों के साथ जनरल रावत का स्वागत किया। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल एवं सहसचिव राजेश सेमवाल ने उनकी पूजा संपन्न कराई। इसके बाद गंगोत्री मंदिर में उन्होंने गंगा का अभिषेक किया और गंगा आरती में शामिल हुए। तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें शॉल एवं गंगाजली भेंट की। इस मौके पर मंदिर समिति के सचिव दीपक सेमवाल, संजीव सेमवाल, रजनीकांत सेमवाल, अरुण सेमवाल, प्रेमबल्लभ सेमवाल आदि तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।

आर्ट गैलरी देख अभिभूत हुए सेना प्रमुख 

गंगोत्री मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद सेना प्रमुख यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल के अनुरोध पर सूर्यकुंड के पास नवनिर्मित तपोवनम् हिरण्यगर्भ आर्ट गैलरी पहुंचे। यहां उन्होंने आर्ट गैलरी के संस्थापक स्वामी सुंदरानंद से आशीर्वाद लिया। स्वामी जी ने उन्हें अपनी पुस्तक ‘हिमालय-थ्रू द लैंस ऑफ साधु’ और अपनी आत्मकथा भेंट की। आर्ट गैलरी का अवलोकन कर सेना प्रमुख और उनकी पत्नी अभिभूत नजर आए। उन्होंने फोटो कलेक्शन को अद्भुत बताते हुए कहा कि यह वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक शोध का केंद्र बनेगा। यहां से लौटते हुए जनरल रावत ने धराली में प्राचीन कल्प केदार मंदिर के दर्शन किए और तीर्थ पुरोहितों के गांव मुखबा का भी भ्रमण किया। वह रात्रि विश्राम के लिए हर्षिल स्थित सेना के कैंप में रुके हैं।

सेना प्रमुख ने सुने स्वामी सुंदरानंद के अनुभव 
आर्ट गैलरी के भ्रमण के दौरान आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने फोटो बाबा के नाम से मशहूर 94 वर्षीय स्वामी सुंदरानंद के हिमालय से जुड़े अनुभवों को बड़े ध्यान से सुना। इस दौरान स्वामी जी ने सेना प्रमुख से उनके ननिहाल की भी चर्चा की और उनके नाना के साथ अपने आत्मीय संबंधों के बारे में बताया। आर्ट गैलरी के बारे में उन्होंने बताया कि इसे तैयार करने में केदारनाथ धाम के शिल्पी कर्नल कोठियाल ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कर्नल कोठियाल का नाम स्वामी कर्नल अजय कोठियाल रख कर गैलरी के संचालन की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी है। इस दौरान जनरल रावत की पत्नी ने गैलरी की पांचवीं मंजिल पर बने योग हॉल में ध्यान लगाकर एक अलग अनुभूति होने की बात कही। कर्नल कोठियाल ने बताया कि हाल ही में सेना में भर्ती हुई 90 लड़कियों में से छह यूथ फाउंडेशन के कैंपों से निकली हैं। जबकि पूर्व में इन कैंपों से सैकड़ों युवक सेना में भर्ती हो चुके हैं। इस पर जनरल रावत ने उनके प्रयासों की सराहना की। ब्यूरो

यात्रियों ने लगाए भारत माता और भारतीय सेना के जयकारे
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के गंगोत्री दौरे से तीर्थ पुरोहितों के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे तीर्थयात्रियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। सुरक्षा कारणों से सेना के अधिकारियों ने आम जनता को उनके आसपास आने और फोटो खींचने से तो रोक दिया, लेकिन यात्रियों ने अपने बीच सेना प्रमुख को देखकर भारत माता की जय और भारतीय सेना के जयकारे लगाए। जनरल रावत ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर यात्रियों का अभिवादन किया। उनके सरल स्वभाव की तीर्थ पुरोहितों और यात्रियों ने खूब सराहना की।

आर्मी चीफ ने पत्नी व बेटी संग किए बाबा केदार के दर्शन

जनरल बिपिन सिंह रावत ने पत्नी व बेटी संग केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। इसके बाद वह जोशीमठ के लिए रवाना हुए। यहां रात्रि प्रवास के बाद सेना प्रमुख के दौरे को लेकर जोशीमठ आर्मी कैंपस जीरो जोन में तब्दील किया गया है।

बुधवार को सुबह नौ बजकर 05 मिनट पर थल सेना के प्रमुख जनरल बिपिन सिंह रावत सेना के हेलीकॉप्टर से केदारनाथ वीवीआईपी हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह मंदिर पहुंचे। मुख्य पुजारी केदार लिंग ने जनरल रावत के हाथों बाबा केदार की पूजा अर्चना कराई। इसके बाद वह गर्भगृह से बाहर आए और मंदिर की परिक्रमा की। उन्होंने श्रद्धालुओं, मंदिर समिति के पदाधिकारियों, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती व पुरोहितों से भी बातचीत कर यात्रा के बारे में पूछा। दिव्य शिला के दर्शन करने के साथ ही उन्होंने धाम में आदिगुरु शंकराचार्य समाधि स्थल का पुनर्निर्माण कर रहे कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी व यूथ फाउंडेशन के मनोज सेमवाल ने विस्तार से जानकारी ली।
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इसके बाद सुबह 10.30 बजे सेना प्रमुख जनरल रावत केदारनाथ से जोशीमठ के लिए रवाना हुए। उनके साथ दो अन्य सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे। सुबह 10 बजकर 56 मिनट पर सेना प्रमुख बिपिन रावत पत्नी व बेटी संग हेलीकॉप्टर से जोशीमठ में सेना के हेलीपैड पहुंचे। इसके बाद वह वाहन से औली रोड पर स्थित सेना के गेस्ट हाउस पहुंचे।
 
 
पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे उनकी पत्नी और बेटी औली के सैर-सपाटे पर गए। उन्होंने चीयर लिफ्ट से औली स्लोप का दीदार किया। करीब एक घंटे तक औली में रहने के बाद वह जोशीमठ में सेना के गेस्ट हाउस पहुंचे। जबकि सेना प्रमुख दिनभर गेस्ट हाउस में ही सैन्य अधिकारियों के साथ रहे। बुधवार को वह जोशीमठ में रुके। मीडिया कर्मियों को भी आर्मी कैंपस में जाने की अनुमति नहीं दी गई। 
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