कैंब्रियन हॉल स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने पहुंचे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को स्कूल यूनिफार्म में नहीं होने के चलते प्रिंसिपल ने उन्हें कैंपस में एंट्री नहीं दी।
स्कूल प्रशासन ने आर्मी चीफ को स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराई तब वे कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने स्कूल के इस अनुशासन को जनरल बिपिन रावत ने छात्रों के सामने बयां किया। शनिवार को 45 साल बाद थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत अपने स्कूल कैंब्रियन हॉल पहुंचे। उन्होंने यहां वर्ष 1969 से 1972 तक कक्षा छह से आठवीं तक की पढ़ाई की है।
इतने लंबे समय बाद अपने स्कूल में आज भी वैसे ही अनुशासन और शिक्षण को देखकर वे खासे उत्साहित नजर आए। सामने अंग्रेजी के शिक्षक शांति स्वरूप नजर आ गए तो उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद जब उन्होंने मंच संभाला तो अनुशासन से जुड़े कई किस्से सभी के साथ साझा किए।
आर्मी चीफ ने कहा कि तब भी यूनिफार्म के बिना स्कूल में नो एंट्री थी, आज भी पूर्व छात्र होने के बावजूद मुझे यूनिफार्म के बिना एंट्री नहीं मिली। यह वाकई यादगार पल है। उन्होंने कहा कि मेरी लाइफ के सबसे खुशगवार पल इस स्कूल में बीते हैं। स्कूल में पढ़ाई का इतना जोर रहता था कि एक बार बिजली गुल होने से दिसंबर 1971 में केवल एक दिन पढ़ाई से छुट्टी मिली थी। पढ़ाई के अलावा यहां कोई विकल्प नहीं था।