इसके अलावा सेना प्रमुख ने रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की उस रिपोर्ट से नाइत्तेफाक जाहिर किया, जिसमें कहा गया था कि सेना के 68 फीसदी हथियार संग्रहालय में रखने लायक हैं।
उन्होंने कहा कि क्या हथियार संग्रहालय में रख दिए गए? नहीं, हमारे जवान उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारी सेना हर मोर्चे पर मजबूती के साथ डटी है। सेना के पास कई ऐसे अचूक हथियार हैं, जिनका करीब ढाई दशक से इस्तेमाल किया जा रहा है।
सेना के पास कम दिनों का गोला-बारूद होने की बात को भी उन्होंने निरर्थक बताया। सेना में महिलाओं की ‘लड़ाकू’ भूमिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया चल रही है।
एएफएमसी-2 पर सरकार से चल रही बात
श्रीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज को आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) में बदलने के सवाल पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सरकार के साथ इस संबंध में वार्ता की जा रही है। एएफएमसी के तमाम सारे मानक हैं, वे पूरे होंगे, तभी कुछ उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेषज्ञों की टीम श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का दौरा करेगी।