विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में लागू चुनाव आचार संहिता के चलते राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के साथ ही दून अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति का मामला अधर में लटका हुआ है।
दून अस्पताल में मेडिसिन, आर्थोपेडिक, सर्जरी समेत कई विभागों में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों के इलाज में तमाम दिक्कतें आ रही हैं। दूसरी ओर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि दून अस्पताल में डाक्टरों की नियुक्ति को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया गया है। अनुमति मिलने के साथ ही डाक्टरों की नियुक्ति ने सिरे से कर दी जाएगी।
बता दें कि राजकीय अस्पताल में कई विभागों में डॉक्टरों कमी है, जिसके चलते मरीजों के इलाज में कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। पहले तो राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की ओर से डॉक्टरों की नियुक्तियों को लेकर विज्ञप्तियां निकाली गई लेकिन नियुक्तियों को लेकर डॉक्टरों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखायी।
इसी बीच विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की ओर से आचार संहिता लागू कर दी गई। इसके चलते अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्तियों का मामला अधर में लटक गया। लेकिन अब जबकि विधानसभा चुनाव संपन्न हो गया है तो राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओर से निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर डॉक्टरों की नियुक्तियों को लेकर अनुमति मांगी गई है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना का कहना है कि दून अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्तियों को लेकर निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी गई है। जैसे ही निर्वाचन आयोग की ओर से मिल जाएगी नियुक्तियों की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कर दी जाएगी।