प्रदूषण जांच के लिए वाहनों की लंबी कतारों को देखते हुए परिवहन आयुक्त शैलेश बगौली ने नए जांच केंद्रों को खोलने की प्रक्रिया में ढील दे दी है। जांच केंद्र की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है ताकि आवेदन पत्रों का निपटारा तेजी हो सके। पूरी व्यवस्था को समयबद्ध बनाते हुए उन्होंने 15 दिन के भीतर जांच केंद्र खोलने की संस्तुति करने के निर्देश दिए हैं। सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार ने प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी रखा है। इस व्यवस्था के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन प्राप्त होने वाले आवेदनों पर संबंधित संभागीय व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों की सत्यापन के आधार पर संस्तुति की जाती है। नए मोटरयान अधिनियम के लागू होने के बाद से वाहनों की प्रदूषण जांच को लेकर भारी दबाव है। नए प्रदूषण जांच केंद्रों की स्थापना के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। मौजूदा प्रक्रिया के तहत जांच केंद्रों की स्थापना को उतनी तेजी से मंजूरी मिलने में शंका है। इसी वजह से परिवहन आयुक्त ने शुक्रवार को निर्देश जारी किए कि प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
आवेदन प्राप्त होते ही मुख्यालय स्तर से स्थलीय सत्यापन एवं आरटीओ सत्यापन के लिए कोई पत्र जारी नहीं किया जाएगा। इसके बजाय संभागीय परिवहन अधिकारी स्वयं अपने स्तर पर बगैर देरी किए स्वत: ही 15 कार्य दिवस में इस कार्य को निस्तारित कर संस्तुति भेजेंगे। आवेदक अपना आवेदन शुल्क रुपये 4000 भी ट्रेजरी चालान के माध्यम से या संबंधित संभागीय/ उपसंभागीय परिवहन कार्यालय से संस्तुति करते समय शुल्क भुगतान की रसीद साफ्टवेयर में अपलोड कर सकेगा। आवेदक को अपने मूल अभिलेख संबंधित परिवहन कार्यालय में जमा कराने होंगे।