उत्तराखंड सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त तथा तीन सूचना आयुक्तों के पदों के लिये 180 आवेदन आए हैं। इन पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है। सबसे अधिक आवेदन दून से हैं। इसके अलावा हरिद्वार, अल्मोड़ा, चमोली, चंपावत के अलावा लखनऊ और नोएडा के लोगों ने भी आवेदन किया है।
सूचना आयुक्त के पद के लिये मई, 2015 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग कोे 62 आवेदन प्राप्त हुए। जुलाई 2015 में मुख्य सूचना आयुक्त के एक रिक्त पद तथा अक्टूबर 2015 में रिक्त हुए दो सूचना आयुक्तों के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। मुख्य सूचना आयुक्त के लिये 39 आवेदनपत्र तथा दो सूचना आयुक्तों के लिये 79 आवेदन पत्र प्राप्त हुए।
प्रदेश के बाहर से नौ आवेदन
दो सूचना आयुक्तों के लिए कुल 79 आवेदनों में सर्वाधिक 27 आवेदन देहरादून से हैं। 4 आवेदन अल्मोड़ा, 9 हरिद्वार, 11 नैनीताल, दो-दो चमोली व टिहरी, छह-छह पौड़ी गढ़वाल तथा उधमसिंह नगर तथा एक-एक आवेदन चम्पावत, पिथौरागढ़ व रूद्रप्रयाग से आए। प्रदेश के बाहर से केवल 9 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें पांच यूपी तथा दो दिल्ली तथा एक-एक छत्तीसगढ और हरियाणा से हैं।
इन क्षेत्रों से आवेदनकर्ता
इन आवेदन पत्रों के विशिष्टता के क्षेत्र के कालम में 32 में विधि, 17 में पत्रकारिता, 9 में समाजसेवा, 13 में शासन प्रशासन तथा 1 में विज्ञान का उल्लेख है। आवेदन करने वालों में अपर मुख्य सचिव एस. राजू, आईएफ.एस विनोद कुमार, निदेशक विद्यालयी शिक्षा चन्द्र सिंह ग्वाल, सी.एम.एस. बिष्ट रिटायर्ड डीजी आयुध निर्माणी शशिधर डीमरी, रिटायर्ड पीसीएस उमेश चन्द्र कबडवाल, रिटायर्ड आईएफ.एस गोविन्द सिंह रावत, वित्त नियंत्रक् उत्तराखंड लोक सेवा आयोग प्रदीप कुमार गोयल शामिल है।
राज्य सूचना आयुक्त के दो पदों के लिये आवेदन करने वालों में 3 पीएचडी, एक डी.लिट, एक एम फिल, एक एलएलएम, 41 एलएलबी, आठ एमए, एक एमबीए, दो बीएड, एक बीएएमएस, दो बी टेक सात एम एससी तथा सात अन्य स्नातक डिग्रीधारी हैं। दो आवेदक केवल इंटर पास है। आरटीआई कार्यकर्ता अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने यह जानकारी सूचना अधिकार के तहत सामान्य प्रशासन विभाग से मांगी थी।