पहले जहां इंटरमीडिएट के बाद आवेदक ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा के पात्र हुआ करते थे। अब ऐसा नहीं होगा। योग्यताओं के मानक बदल दिए गए हैं।
ग्राम विकास अधिकारी पद की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट की जगह अब स्नातक कर दी गई है। ग्राम्य विकास आयुक्त उत्तराखंड ने इस संबंध में संघ लोक सेवा आयोग को भी पत्र प्रेषित किया है।
अपर आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तराखंड डा. आरएस पोखरिया ने बताया कि सेवा नियमावली 2011 में ग्राम विकास अधिकारी पद की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट अथवा समकक्ष परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक निर्धारित की गई थी लेकिन अब शैक्षिक योग्यता के मानक बदल दिए गए हैं।