अभी तक आपने इंसानों के क्लोन के बारे में सुना होगा, लेकिन अब फलों के भी क्लोन बनाए जा रहे हैं। जानिए इसके पीछे की वजह...
वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी (टिहरी) में पहली बार सेब को क्लोनिंग के जरिए उगाने का प्रयोग किया जा रहा है। टिश्यू कल्चर तकनीक से प्रयोगशाला में सेब के 3000 पौधे तैयार किए गए हैं। अब तक कलम उगाकर सेब के पौधे तैयार किए जाते थे।
लेकिन वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी अब क्लोनिंग के तहत सेब के पौधे तैयार करेगा। उत्तराखंड में पहली बार इस तरह से सेब के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। प्रयोगशाला में रसायनों की मदद से यह नर्सरी तैयार की गई है।