न्यायालय के फैसलों को हिंदी में देने के लिए अदालत से गुजारिश करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उत्तराखंड के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल चंद्रशेखर उपाध्याय यह मुहिम शुरू करने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि वह प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करेंगे कि वह हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर यह मांग करें कि वह अपने फैसले हिंदी में सुनाएं, ताकि आम आदमी अपनी भाषा में उस फैसले को जान सके जो उसके बारे में लिया जाता है।
नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह
चंद्रशेखर ने बताया कि पत्र के माध्यम से नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया जाएगा कि वह 14 सितंबर को हाईकोर्ट के सभी न्यायमूर्तिगण की संपूर्ण कार्यवाही हिंदी में करने और फैसले हिंदी में देने का निर्देश दें। उन्होंने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वह इस आशय का पोस्टकार्ड या अन्य संचार माध्यम से अपनी अपील नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक पहुंचाएं।
उपाध्याय ने बताया कि पहला पोस्टकार्ड चिपको आंदोलन के प्रणेता पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर जूनापीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरी से लिखवाकर मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाएगा। उन्होंने वीर सैनिकों के परिवारों से भी अपील की है कि वे न्यायाधीश को इस आशय का पोस्टकार्ड भेजें। चंद्रशेखर ने बार काउंसिल सहित सभी जनपदों की बार एसोसिएशन से भी अपील की कि वह अपने हस्ताक्षरयुक्त पोस्टकार्ड मुख्य न्यायाधीश को भेजें।
युवाओं से भी अपील की
उन्होंने प्रत्येक बुद्धिजीवी, प्रबुद्ध नागरिक, स्वयंसेवी संगठन, सामाजिक संगठन, गैर सरकारी संस्थाओं के साथ ही युवाओं से भी अपील की है। उन्होंने मुख्यमंत्री, लोकसभा के पांचों सदस्यों, सभी राज्यसभा सदस्यों, विधायक और जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वह इस आशय का पत्र माननीय न्यायाधीश को भेजने का कष्ट करें।
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