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परेड ग्राउंड में लगा जांबाजों का मेला

Thu, 26 Jun 2014 02:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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रील लाइफ के बजाय रीयल लाइफ जांबाजों से मुलाकात का मन है तो परेड ग्राउंड चले आइए।
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यहां लगे अपोलो सर्कस में आप हैरतअंगेज करतबों से रूबरू होंगे तो जोकरों की जोड़ी आपको हंसी का डोज देगी।

रोमांचित कर देंगे ये करतब
यहां हवा में रस्सियों के सहारे झूलते कलाकार, क्रिकेट खेलता हाथी, जान हथेली पर लेकर नुकीले सरियों पर लेटे कलाकार के अलावा आंख पर पट्टी बांधकर साथी कलाकार के ऊपर रखे खीरे को तलवार से काटने जैसे करतब आपको रोमांचित कर देंगे।

इसके अलावा बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए यहां कई आकर्षण हैं। अपोलो सर्कस के एरिया मैनेजर उत्तराखंड श्याम सिंह थापा ने बताया कि यह सर्कस 95 साल पुराना है और करीब 20 साल से देहरादून आ रहा है।
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उन्होंने बताया कि हवा में रस्सियों के सहारे जिम्नास्टिक, गोले में चलती मोटरसाइकिल भी लोगों को खूब लुभा रही है। आग से खेलते कलाकार भी खूब तालियां बटोर रहे हैं।

जानवरों में हाथी की भगवान शिव की पूजा और क्रिकेट मैच खास आकर्षण है।

कठिन दौर से गुजर रहा सर्कस
अपोलो सर्कस अब कठिन दौर से गुजर रहा है। एक समय सर्कस में चीता, शेर, चिपेंजी, दरियाई घोड़े जैसे जानवर नजर आते थे।

लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इन जानवरों को वन विभाग को सौंप दिया गया। अब सिर्फ हाथी, कुत्ते और घोड़े ही सर्कस में नजर आते हैं।

बालीवुड स्टार शाहरुख खान के टीवी सीरियल सर्कस, फिल्म मां, टार्जन, हिना, संघर्ष सहित दर्जन भर से अधिक फिल्मों व टीवी सीरियलों का गवाह बना अपोलो सर्कस अब किसी तरह इस संस्कृति को समेटे हुए है।
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रोजाना एक लाख का खर्च
श्याम सिंह थापा ने बताया कि सर्कस का एक दिन का खर्च 1 लाख रुपए तक है। यहां करीब 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिसमें से 100 कलाकार हैं।

जगह का किराया, कलाकारों, कर्मचारियों की फीस, बिजली, पानी सहित सभी का खर्च इतना बैठता है। वहीं हाथी पर ही एक दिन में दो हजार रुपए से अधिक का खर्च आता है।

शो टाइम
दोपहर 1 से 4 बजे
शाम 4 से 7 बजे
शाम 7 से 10 बजे
टिकट- 50 से 200 रुपए
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