अफीम आधारित अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ा पहलू
वी. मुरुगेशन ने अपने संबोधन में अफीम आधारित अर्थव्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, कुछ देशों की अर्थव्यवस्था में अफीम और उससे जुड़े कारोबार की भूमिका होने के कारण मादक पदार्थों की खपत के लिए बाजार तलाशने का पहलू भी महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में नशे की तस्करी को केवल स्थानीय अपराध मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। इसके पीछे काम करने वाले नेटवर्क, उनके आर्थिक हित और अंतरराष्ट्रीय संपर्क भी जांच के अहम पहलू हैं।
प्रॉक्सी वार के रूप में नशे का इस्तेमाल
एडीजी ने नशे के नेटवर्क को दुश्मन देशों की ओर से प्रॉक्सी वार के नजरिये से देखने की जरूरत पर भी जोर दिया। प्रॉक्सी वार में सीधे युद्ध करने के बजाय दूसरे माध्यमों से विरोधी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। नशे के प्रसार से युवाओं की क्षमता, स्वास्थ्य और सामाजिक ढांचे पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए इस खतरे को गंभीरता से लेने की जरूरत है। नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने, अवैध कमाई के स्रोतों की जांच करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयासों को साथ लेकर चलना होगा। साथ ही, समाज की भागीदारी और जागरूकता भी जरूरी है, ताकि नशे की मांग घटाई जा सके और इस कारोबार को फलने-फूलने से रोका जा सके।
पांच पुलिसकर्मी बाइक सर गुजरात रवाना
नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए पांच पुलिस कर्मी बाइक से गुजरात तक जा रहे हैं। आज उन्हें हरी झंडी दिखाकर पुलिस लाइन से रवाना किया गया।