इसके अलावा वर्ष 2001 में ही आईआईटी के रुड़की के एक छात्र मोहित ने नकली नोट बनाने का साफ्टवेयर तैयार कर देश की जांच एजेंसियों को ध्यान रुड़की की ओर खींचा था। इसके बाद छह दिसंबर वर्ष 2014 में रुड़की में हुए ब्लॉस्ट में छात्र तुषार धीमान की मौत ने देश की जांच एजेंसियों को हिलाकर रख दिया। तब एनआईए से लेकर आईबी, कई प्रदेशों की एटीएस व जांच एजेंसियों ने रुड़की में डेरा डाल दिया था।
जांच एजेंसियों को शक था कि यह घटना आतंकी थी और वह कोई बड़ी वारदात करने वाले थे, लेकिन अभी तक ब्लॉस्ट की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। इसके बाद वर्ष 2016 में लंढौरा क्षेत्र से दिल्ली की आईबी ने हरिद्वार में अर्द्धकुंभ से पहले चार संदिग्ध आतंकी भगवानपुर क्षेत्र के चंदनपुर गांव निवासी अखलाक, कोतवाली क्षेत्र रुड़की के जौरासी गांव निवासी ओसामा, लंढौरा कस्बा निवासी मोहम्मद अजीम व मोहम्मद मेहराज को गिरफ्तार किया था।
संदिग्ध आतंकियों ने पूछताछ में बताया था कि वह आईएसआई के संपर्क में थे और अर्द्धकुंभ में बड़ी वारदात करने वाले थे। आईबी ने उनकी निशानदेही पर जंगल से माचिस पकैट और बम बनाने वाली कई वस्तुएं बरामद की थी।
न केवल आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बल्कि आतंकियों को पोषित करने के लिए हवाला जैसे कारोबार को लेकर भी रुड़की क्षेत्र के तार विदेशों तक जुड़े रहे हैं। फरवरी 2018 में लंढौरा क्षेत्र में एनआईए की टीम ने हवाला कारोबार के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि हवाला की रकम के जरिए कई देशों के संदिग्ध व्यक्तियों से रकम का आदान-प्रदान क्षेत्र में बैठे युवकों से कराया जा रहा था।
आठ माह पूर्व एनआईयू की टीम ने लंढौरा निवासी अब्दुल समद के घर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया था। आरोप था कि अब्दुल समद हवाला कारोबारियों से जुड़ा रहकर सऊदी अरब से रकम मंगा रहा था। चौंकाने वाली बात यह थी कि लंढौरा के अलावा देवबंद और मुजफ्फरनगर क्षेत्र में भी कुछ लोगों के जरिए इस काले कारोबार को चलाया जा रहा था। हवाला के जरिए मोटी रकम का इस्तेमाल कहीं आतंकियों को पोषित करने के लिए तो नहीं हो रहा इसे लेकर एनआईए ने गहनता से जांच पड़ताल की थी।
उस दौरान सामने आया था कि क्षेत्र के युवाओं को मोहरा बनाकर विदेशों में बैठे आका हवाला कारोबार के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। घटना के दौरान एनआईए ने अब्दुल समद के घर से एक डायरी भी बरामद की थी। जिसमें मोटी रकम का लेनदेन का खुलासा हुआ था।