मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) देहरादून की रडार पर विकासनगर और आसपास के क्षेत्रों के कई होटल संचालक हैं। एचटीयू इनकी कुंडली तैयार करने में जुटी है। सभी पर गोपनीय तरीके से नजर रखी जा रही है।
बीते मंगलवार को हुई कार्रवाई में एक होटल स्वामी और ग्राहक कोतवाली पुलिस और एएचटीयू की संयुक्त कार्रवाई में हत्थे चढ़ गए थे। होटल से विकासनगर और ऋषिकेश क्षेत्र की दो महिला को रेस्क्यू किया गया था। हालांकि महिलाओं ने गरीबी और मजबूरी को इस धंधे में आने का कारण बताया था।
विकासनगर बाजार में काफी होटल और लॉज हैं। मुख्य बाजार के साथ ही गलियों में भी बहुमंजिला होटल और लॉज बनाए गए हैं। कई होटलों में चोरी छिपे अनैतिक धंधा किया जाता है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र के होटल संचालकों और स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है।
एएचटीयू के प्रभारी उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी ने बताया कि यूनिट को विकासनगर के होटलों में लगातार अनैतिक कार्य की शिकायतें मिल रही थी, जिसकी गोपनीय जांच कराई गई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि कई और होटल रडार पर है। जांच चल रही है। शीघ्र उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं महिलाओं के नंबर
एएचटीयू के प्रभारी मनमोहन सिंह नेगी ने बताया कि अब तक हुई जांच में यह बात प्रकाश में आई है कि होटल स्वामी और संचालकों के पास महिलाओं के नंबर होते हैं। वे ग्राहकों को महिलाओं के नंबर उपलब्ध कराते हैं। जिसके जरिए होटल स्वामी, संचालक या फिर ग्राहक स्वयं महिलाओं से संपर्क कर उन्हें होटल में बुलाता है। ग्राहक से लिए जाने वाले पैसे में महिला के साथ ही होटल संचालक का हिस्सा होता है। कमरे का किराया ग्राहक को देना होता है।