दरगाह साबिर पाक के बुलंद दरवाजे पर झंडा फहराने की रस्म अदायगी के साथ 745वें सालाना उर्स का आगाज हो गया। बुलंद दरवाजे पर सज्जादानशीन की सरपरस्ती में 22वां झंडा फहराया गया।
745वां उर्स
बरेली शरीफ से झंडा लेकर पैदल चले अकीदतमंद यात्रा करते हुए बुधवार को पिरान कलियर पहुंचे। सज्जादानशीन की सरपरस्ती में अकीदतमंदों ने दरगाह साबिर पाक के बुलंद दरवाजे पर झंडा फहराने की पहली रस्म अदा की। इसी के साथ कलियर के 745वें सालाना उर्स का आगाज हो गया।
12 दिन की यात्रा खत्म
21 दिसंबर को सूफी वसीम साबरी 120 अकीदतमंदों के साथ 22वां झंडा लेकर पैदल यात्रा पर निकले थे। बुधवार को 12 दिन की पैदल यात्रा पूरी करते हुए जत्था कलियर शरीफ पहुंचा।
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कलियर पहुंचने पर नायब सज्जादानशीन शाह मंजर एजाज साबरी ने जत्थे का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद नमाज ए असर सूफी वसीम साबरी ने अकीदमंदों के साथ सज्जादानशीन शाह मंसूर एजाज साबरी की सरपरस्ती में दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा फहराने की रस्म अदा कराई।
हजारों ने पेश की अकीदत
इस दौरान हजारों अकीदतमंदों ने खराजे अकीदत पेश की। झंडा लेकर चले सूफी वसीम साबरी ने बताया कि 12 दिन की पैदल यात्रा में जत्थे का स्वागत फतेहगंज, मुरादाबाद, रामपुर, नहटोर, नजीबाबाद और ज्वालापुर आदि स्थानों पर किया गया। जत्थे में कमाल साबरी, सलीम साबरी, रिहान, रिजवान, तौफीक, महराज, अजीज आदि शामिल रहे।
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इस दौरान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष राव काले खां, मेलाधिकारी केके मिश्र सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों में शाह सुहेल, शाह अली एजाज, सूफी इसरार, डा. इनाम, गाजी मियां एवं अजीम सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।