सेना में जाने वाले उत्तराखंड के युवाओं की राह अब और आसान हो जाएगी।
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युवाओं को अधिक अवसर मिले इसके लिए प्रदेश सरकार ने दो और प्रशिक्षण केंद्र खोलने की घोषणा की है। साथ ही रुद्रप्रयाग में बनने वाले सैनिक स्कूल के लिए दस करोड़ रुपए की व्यवस्था भी कर दी गई है।
सरकार पूर्व सैनिकों पर दिल खोलकर मेहरबान
पांच करोड़ रुपए सैनिक पुनर्वास कल्याण और पांच करोड़ उपनल देगा। सरकार की इस मेहरबानी को मोदी की शंखनाद रैली का असर भी कहा जा रहा है। विजय दिवस पर प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों पर दिल खोलकर मेहरबान हुई।
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सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड में युवाओं को सेना में अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए रुद्रप्रयाग और पौड़ी में दो नए प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। वर्तमान में देहरादून और अल्मोड़ा में ऐसे प्रशिक्षण केंद्र हैं।
एकमुश्त सहायता देने की भी घोषणा
इसके अलावा एनडीए, ओटीए सहित अन्य माध्यमों से सेना में प्रवेश के लिए कोचिंग लेने वाले पूर्व सैनिकों के बच्चों को सरकार अब दस हजार रुपए एकमुश्त सहायता देने की भी घोषणा की गई है। पहले यह पांच हजार थी।
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उच्च शिक्षा में जाने वाले पूर्व सैनिकों के बच्चों को अब छह हजार की जगह 12 हजार रुपए की स्कॉलरशिप एकमुश्त दी जाएगी। शहीद सैनिकों की विधवाओं को पुनर्विवाह के लिए दी जाने वाली 50 हजार की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया गया है।
शहीद सैनिकों की बेटियों की शादी के लिए दी जानी वाली 30 हजार रुपए की सहायता राशि को बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया। प्रदेश के एनडीए कैडेट को 500 रुपए की जगह अब एक हजार रुपये यात्रा भत्ता मिलेगा।
आदेश जारी
सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि पूर्व सैनिकों को हाउस टैक्स से मुक्त करने, सैनिक विधवाओं को आवासीय सहायता एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने और हर जिले में पूर्व सैनिक प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोमवार को की गई घोषणाओं के आदेश भी जारी कर दिए गए।