अदालत ने माना कि मामला थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र का है अभियोजन की ओर से आरोपपत्र भी कोटद्वार न्यायालय में ही पेश किए गए हैं। नामित स्पेशल अभियोजन अधिकारी भी कोटद्वार क्षेत्र से हैं। मामले के परीक्षण के लिए उक्त सत्र न्यायालय की अदालत सक्षम है। अदालत ने उपरोक्त आधार पर अंकिता की मां की याचिका को खारिज कर दिया। मामले में सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विजेंद्र रावत ने पैरवी की।
सत्र न्यायालय पौड़ी के फैसले से हमें घोर निराशा मिली है। परिवार की सुरक्षा के लिए मामले की सुनवाई पौड़ी न्यायालय हस्तांतरित करना जरूरी है। हम केस ट्रांसफर किए जाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। शुक्रवार से मैं केस ट्रांसफर की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठूंगी। जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता, मैं लड़ती रहूंगी।
- सोनी भंडारी, याचिकाकर्ता पीड़िता की मां।