इन्होंने दायर की थी याचिका
डीपी सिंह, अर्पण कुमार, संजय कुमार चौहान, विकास कुमार, बोले लाल, भगत सिंह फोनिया, मदन मोहन पलड़िया, बरिंदर सिंह बलवंत सिंह, रमेश कुमार और ओम प्रकाश।
यह भी जानें
एनएच 74 घोटाले में एसआईटी ने 2017 में करोड़ों रुपये के घोटाले की पुष्टि की थी। इसमें कई अधिकारी, कर्मचारी व किसानों के नाम सामने आए थे। आरोप था कि इन लोगों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि को अकृषि दिखाकर घोटाला किया है। एक मार्च 2017 को तत्कालीन आयुक्त सेंथिल पांडियन ने घोटाले की आंशका जताई थी और डीएम ऊधमसिंह नगर को जांच के आदेश दिए थे। जांच सही पाए जाने पर तत्कालीन एडीएम प्रताप साह ने पंतनगर के सिडकुल थाने में रिपोर्ट दर्ज की थी। इनके अलावा कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे। उन्हें जेल भेज दिया गया था। दो आईएएस अधिकारी भी निलंबित भी हुए। हालांकि अभी एनएच 74 घोटाले के आरोपी जमानत पर रिहा है।