पूरे प्रदेश में अब सभी रिजार्ट में चल रही गतिविधियों की जांच की जाएगी। इसके लिए थाने से एक अधिकारी और एलआईयू की टीमों को लगाया गया है। डीजीपी ने एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट को मांगी है। संदिग्ध गतिविधियों वाले रिजार्ट और गेस्ट हाउस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अंकिता की हत्या के बाद सुनसान इलाके में बने इस रिजार्ट की हकीकत भी सामने आ गई। अंकिता इसी हकीकत को अपने दोस्त के माध्यम से लोगों के सामने लाना चाहती थी। जीते जी तो अंकिता ऐसा न कर सकी, मगर उसकी मौत ने हर किसी को सोचने के लिए मजबूर कर दिया कि इन जगहों पर ऐसे काम भी हो सकते हैं। इस कांड के बाद प्रशासन की आंखें भी खुल गईं हैं। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि जंगलों और शहर के आसपास बने रिजार्ट या गेस्ट हाउस की जांच के लिए टीमें गठित की गईं हैं। इसके लिए सभी पुलिस अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।
सबसे पहले वहां की महिला कर्मचारियों से बात की जाएगी, ताकि यदि उनसे कोई गलत काम कराया जाता है, तो इसकी जानकारी मिल सके। यदि कहीं भी ऐसा होता मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासन की अनुमति से इन रिजार्ट व गेस्ट हाउस का हाल भी वनंतरा जैसा ही किया जा सकता है। इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालयों और तहसीलों में भी पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
ये भी होंगी जांच
रिजार्ट या गेस्ट हाउस के साथ कोई विवाद तो नहीं है, महिला स्टाफ से उनके रुटीन की पूरी जानकारी ली जाएगी, रिजार्ट में किसी अपराधी का तो हिस्सा नहीं, रिजार्ट या गेस्ट हाउस किसी की जमीन पर अतिक्रमण कर तो नहीं बनाया गया, जंगलात या अन्य विभागों से एनओसी आदि की प्रक्रिया पूरी की गई या नहीं, इनके बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। लगे हैं तो ठीक हैं या नहीं।