जेलर त्रिलोक चंद्र आर्य ने बताया कि कारागार में बंदियों को कोई भी सामान अपने साथ बैरक में ले जाने की अनुमति नहीं होती है, लेकिन पुलकित सामान को अपने साथ ले जाने लगा। रोके जाने पर उसने हाथापाई की। जिसके बाद इस मामले में चमोली कोतवाली में पुलकित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।