उत्तराखंड के उत्तरकाशी में तिलोथ पुल के निकट गंगा में जानवरों की हड्डियों का ढेर मिलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों के रोष जताए जाने पर प्रशासन ने बूचड़खाने को बंद कराने के साथ ही लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई कर किसी तरह मामला संभाल तो लिया, लेकिन प्रशासन की नाक के नीचे गंगा किनारे धड़ल्ले से बूचड़खाने चलने पर सवाल उठने लगे हैं।
मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में उत्पादन शुरू होने पर मनेरी से तिलोथ के बीच गंगा में पानी काफी कम हो गया है। ऐसे में शुक्रवार को तिलोथ पुल के पास गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु यहां बूचड़खाने के आगे गंगा भागीरथी में जानवरों की हड्डियों के ढेर देखकर हैरान रह गए।
जानकारी मिलते ही यहां धर्म रक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद रमोला, गंगा एवं ग्लेशियर बचाओ अभियान से जुड़ी शांति ठाकुर, भटवाड़ी के ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार आदि कई लोग एकत्र हो गए।