हाथी वाहनों और ट्रकों में लदी सब्जियों, गुड़, गेहूं आदि को चट कर गया। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने पटाखे जलाए। बंदूकों से फायरिंग कर उसे खदेड़ा।
करीब एक घंटे तक हाईवे पर जाम लगाने के बाद वह कोसी रेंज के जंगल की ओर चला गया। कोसी रेंज के रेंजर बीपी पंत ने बताया कि हाईवे पर उसे आसानी से खाना मिल जा रहा है, इसलिए वह हाईवे की ओर ज्यादा आ रहा है।टेड़ा रोड की ओर भी उसकी आवाजाही है। उन्होंने राहगीरों, वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
एक प्रत्यक्षदर्शी दीवान सिंह ने बताया कि वह मौलेखाल को आ रहे थे। इसी दौरान सुबह साढ़े चार बजे टस्कर हाथी सड़क पर आ धमक गया और उसने उत्पात मचाना शुरू कर दिया।
वहीं दिन शनिवार को भी रामनगर में ही भोजन की तलाश में आए गजराज ने एक बार फिर नेशनल हाईवे-121 पर जमकर उत्पात मचाया। इसके चलते हाईवे पर दो घंटे तक ट्रैफिक रूका रहा। उसने राशन से लदे वाहनों से गुड़, टमाटर, फल और सब्जियां खा लीं।
हाईवे पर गजराज के कब्जे के कारण दोनों ओर करीब चार किमी तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वनकर्मियों के 10 राउंड हवाई फायरिंग और पटाखे जलाने पर गजराज जंगल की तरफ निकल गया।
हाथी शनिवार दोपहर करीब एक बजे रिंगौड़ा के पास हाईवे पर धमका। उसने इत्मीनान से हाईवे से गुजर रहे पिकप वाहन में लदा राशन खाया। इसके बाद उसने कई वाहनों की छत पर रखा गुड़, टमाटर, फल और सब्जिया भी चट कर लीं। इस दौरान वाहनों में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच रही, हालांकि उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचा।
एनएच पर पहुंचा यह गजराज सोशल साइटों पर छाया रहा। कई लोगों ने उसको लाइव दिखाया जबकि कुछ लोग हाथी की फोटो खींचते रहे। कई लोग उसके पास तक जाकर सेल्फी खींचने लगे। वन विभाग के कर्मियों ने लोगों को ऐसा करने से रोका। एक बार तो गजराज महिला के पास तक भी पहुंच गया।
यह हाथी रामनगर वन प्रभाग के जंगल में कोसी नदी की ओर चला गया है। हाथी की आमद को देखते हुए वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। जिन गाड़ियों में से हाथी ने अनाज आदि खाया था, उन गाड़ियों को उसने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। हाथी के निकलते ही सभी गाड़ियां गंतव्य की ओर रवाना हो गईं।
- बीपी पंत रेंजर कोसी