-उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की बैठक में तय हुआ आंदोलन कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने मांगें पूरी न होने के विरोध में पांच मार्च से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। समिति ने बैठक कर चेतावनी दी है कि चरणबद्ध आंदोलन के बाद भी मांगें न मानी गई तो सात अप्रैल को बड़ी रैली होगी। जिसमें अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा।
सोमवार को समिति की बैठक यमुना काॅलोनी स्थित सद्भावना भवन में हुई। संयोजक मंडल ने अभी तक गोल्डन कार्ड की विसंगतियों सहित परिसंघों की अन्य लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सचिव संयोजक पूर्णा नंद नौटियाल ने कहा कि पूर्व में समन्वय समिति ने शासन को लगभग एक माह का समय देते हुए गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करने और वार्ता के लिए समय देने का अनुरोध किया था। आज तक वार्ता के लिए समय नहीं दिया गया। संयोजक आरसी शर्मा ने कहा कि सरकार 10, 16, व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति न होने पर पदोन्नत वेतनमान देने के लिए पूर्व से लगातार आश्वासन देती रही है लेकिन आज तक शासनादेश जारी नहीं हो पाया है। जिससे प्रदेश के कार्मिकों में अत्यधिक रोष है। संयोजक मुकेश बहुगुणा ने कहा कि मिनिस्टीरियल कार्मिकों को पूर्व से एसीपी का लाभ मिलता था, जो सरकार ने बंद किया है। संयोजक सबर सिंह रावत ने कहा कि वाहन चालकों को ग्रेड वेतन 2400 इग्नोर करते हुए उसके स्थान पर ग्रेड वेतन 2800 अनुमन्य किया जाए। तय किया गया कि मांगें पूरी न हुई तो पांच मार्च से आंदोलन होगा। बैठक में वीरेन्द्र सिंह गुंसाई, अरुण पांडे, अशोक राज उनियाल, पंचम सिंह बिष्ट, राकेश सिंह रावत, सुंदरलाल आर्य, बनवारी सिंह रावत, उमेद सिंह चौहान, शांतनु शर्मा, निशंक सिरोही, राम सिंह चौहान, रमेश चंद्र पैंन्यूली, कुलदीप सिंह मौजूद रहे।
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ये है आंदोलन का कार्यक्रम-
पांच मार्च से 13 मार्च तक : सभी जिलों में गेट मीटिंग एवं जन जागरण अभियान।
छह मार्च से 24 मार्च तक : मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन।
25 मार्च 2026 : सभी जिलों में एक दिवसीय धरना। डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन।
सात अप्रैल : देहरादून के परेड ग्राउंड से सचिवालय तक प्रदेश स्तरीय रैली, मुख्यमंत्री को ज्ञापन, अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी।