14 खेल छात्रावासों को खेल स्कूल के रूप में विकसित करेगी सरकार
निजी क्षेत्रों को भी खेल स्कूलों के लिए किया जाएगा सहयोग
खेल मंत्री के मुताबिक कैबिनेट में आएगा इसके लिए प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा, प्रदेश में अब हर जिले में खेल स्कूल खुलेंगे। राज्य के 14 खेल छात्रावासों को सरकार स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित करेगी। वहीं, निजी क्षेत्रों को भी स्कूल खोलने के लिए मदद की जाएगी। विभाग को इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे राज्य में खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार होगी।
यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित खेल विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने कहा, प्रदेश को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए जरूरी है कि छोटी उम्र से बच्चों को खेल का विशेष प्रशिक्षण मिले। राज्य में 14 स्पोर्ट्स हॉस्टल हैं लेकिन यह पुराना कॉन्सेप्ट आज की जरूरत के हिसाब से उतना कारगर नहीं है। इसलिए इन स्पोर्ट्स हॉस्टल को स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित कर छह साल की उम्र से ही खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
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अब एक जिला एक खेल की पहचान पर होगा काम
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा, एक जिला एक खेल की परिकल्पना के तहत हर जिले में ज्यादा प्रचलित खेल को उस जिले की पहचान के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए भी प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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एथलीट को मिलेगी ऑनलाइन कोचिंग
खेल मंत्री के मुताबिक फिट उत्तराखंड एप पर अब तक प्रदेश के हर उम्र के एक लाख 22 हजार से ज्यादा एथलीट रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि इस एप पर यह लोग अपनी खेल गतिविधियों के जो वीडियो अपलोड कर रहे हैं, इन वीडियो का विश्लेषण कर इन्हें ऑनलाइन कोचिंग देने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र या ओपन जिम के लिए स्कूल कॉलेज के ग्राउंड का भी इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में खेल मंत्री ने कहा, हल्द्वानी के खेल विश्वविद्यालय में इसी जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी की जाए।