हाथी के आने से बस में बैठी सवारियों में हड़कंप मच गया। हाथी ने अपनी सूंड को बस के अंदर डालने का प्रयास किया, लेकिन चालक बस को धीरे-धीरे पीछे की ओर चलाने लगा। सवारियों को एक-एक कर बस से उतारा।
जब बस से सवारियां उतर गईं, तब चालक बस को खड़ा कर खुद भी उतर गया। इसके बाद हाथी ने बस का आगे का शीशा और पीछे देखने वाला शीशा तोड़ डाला। करीब एक घंटे तक हाथी ने सड़क पर जमकर हंगामा काटा। बाद में वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हाथी को खदेड़ा।
सवारियां निजी बस से देघाट के लिए रवाना हो गईं और चालक व परिचालक बस को लेकर रामनगर डिपो पहुंचे। यहां पर उन्होंने बस में शीशा लगवाया। एआरएम मोहन राम आर्या और स्टेशन प्रभारी नवीन आर्या ने बताया कि हाथी की वजह से इस रूट पर चलना मुश्किल हो रहा है। डर लगता है कि कहीं किसी दिन हाथी की वजह से कोई अनहोनी न हो जाए।