उत्तराखंड में अब तक के सबसे बड़े सियासी उठापटक के दौर में भाजपा छोड़ कांग्रेस खेमे में आए पूर्व विधायक भीमलाल ने राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ऐसे किसी घटनाक्रम से खुद को अनभिज्ञ बताया।
इधर, मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए भीमलाल ने अपने साथ वादाखिलाफी की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने कभी यह सोचा नहीं था कि 55 दिन के काला पानी के बदले यह दिन देखने पड़ेंगे।
कांग्रेस से बगावत करके भाजपा में शामिल हुए नौ विधायकों ने मौजूदा हरीश रावत सरकार के सामने सियासी संकट खड़ा कर दिया था। उस वक्त घनसाली से भाजपा विधायक रहे भीमलाल कांग्रेस के पाले में चले गए।
बोले, 'सीएम रावत ने बेटे का दर्जा देते हुए बुलाया था'
फ्लोर टेस्ट के बाद बाहर आते हरीश रावत
- फोटो : file photo
इस घटनाक्रम के पहले ही भीमलाल कांग्रेस के नजदीक जा चुके थे। सियासी संकट के पूरे 55 दिन भीमलाल कांग्रेस के इशारे पर अंडरग्राउंड रहे।
उत्तराखंड के सियासी संकट के दौरान ही भाजपा ने विधानसभा से उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभाध्यक्ष के समक्ष अर्जी भी लगाई थी। भीमलाल के मुताबिक हरीश रावत ने उन्हें बेटे का दर्जा देते हुए कांग्रेस में शामिल होने का न्यौता दिया।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि दर्जा देने के अलावा सीएम ने यह भी वादा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जमकर विकास करेंगे। यही आस दिलाकर पूरे 55 दिन तक मुख्यमंत्री ने अपने साथ रखा।
भीमलाल ने हरीश रावत पर धोखा देने का आरोप लगाया।
- फोटो : AmarUjala
स्थिति यह रही कि सीएम कभी भी मेरे क्षेत्र में झांकने तक नहीं गए। बाद में मुझे राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद का अध्यक्ष बनाकर झुनझुना थमा दिया गया, जिसका न कहीं दफ्तर है न स्टाफ। कई बार मुख्यमंत्री से किसी अन्य विभाग में पद देने की बात कही, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। नतीजा मैंने 15 दिन पूर्व इस पद से इस्तीफा दे दिया।
मैंने भावनाओं में बहकर कांग्रेस में शामिल होने का गलत फैसला लिया, इसका मुझे अफसोस है। 55 दिन का कालापानी झेलने के बाद मुझे आज तक कांग्रेस की सदस्यता तक नहीं दी गई। हरीश रावत से मैंने यह सीखा कि राजनीति में सबकुछ गलत तरीके से ही होता है।
-भीमलाल, पूर्व विधायक
भीमलाल बेहद संवेदनशील व्यक्ति हैं। सुबह तक वे मेरे साथ ही थे। उनके पद से इस्तीफा देने की कोई जानकारी मुझे नहीं है।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री