घर से लेकर आईं थी कपड़े और सैंडल
बच्चियां अपने घर से स्कूल बैग में कपड़े और सैंडल लेकर निकली थीं। इसके लिए पहले वे गांधी पार्क के पास सुलभ शौचालय गईं और वहां पर स्कूल यूनिफाॅर्म निकालकर दूसरे कपड़े पहने। इसके बाद वे घंटाघर होते हुए धर्मपुर नेहरू कॉलोनी तक पहुंच गईं। यहां से उनका प्लान बस के माध्यम से हरिद्वार जाने का था। दोनों बच्चियों की बाल मित्र थाने में काउंसिलिंग भी कराई गई है।
स्कूल प्रबंधन को जारी किया पुलिस ने नोटिस
एसएचओ ने बताया कि इस मामले में स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि कैसे उन्होंने छोटी बच्चियों को परिजनों के सुपुर्द किए बगैर जाने दिया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चियां गार्ड को चकमा देकर निकली थीं। एसएचओ ने बताया कि इस जवाब से उनकी जिम्मेदरी खत्म नहीं हो जाती है। उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी और अभिभावकों के साथ मीटिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिजन भी दें बच्चों पर ध्यान
- परिजनों चाहिए कि वह बच्चों के स्कूल बैग नियमित रूप से चेक करें।
-बच्चों की हरकतों पर लगातार उनके शिक्षकों से भी बात करें।
- बच्चे जब घर पर आते हैं तो उनके बैग उस वक्त भी चेक किए जाएं।
- बच्चों के पास गैर जरूरी चीजें कहां से आती हैं इस बात को भी पूछा जाए।
- माता पिता को लगातार बच्चों से संवाद करते रहना चाहिए। ताकि, उन पर माहौल का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।