आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को ब्लॉक मुख्यालय में अल्पसंख्यक विभाग के एक कार्यक्रम में पहुंचे विधायक मुन्ना सिंह चौहान का रास्ता रोक लिया। इस दौरान वे ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गईं। सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वार्ता कर रास्ता खुलवाने की कोशिश भी की लेकिन, वे नहीं मानीं। बाद में विधायक के ज्ञापन लेने के बाद कार्यकर्ताओं ने रास्ता खोल दिया। इससे पहले रास्ता खोलने को लेकर पुलिस और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बहस भी हुई।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे बीते दो माह से मानदेय बढ़ोतरी समेत कई मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन का कोई भी कारिंदा उनकी सुध लेने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा है, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में प्रदेश सरकार के खिलाफ खासा रोष है। ब्लॉक अध्यक्ष संध्या नेगी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विधायक ने कहा कि पूरे प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। मांगों का निस्तारण केंद्र सरकार स्तर पर किया जाना है। शासन स्तर पर भी मांगों के समर्थन में विचार विमर्श चल रहा है। जल्द से जल्द आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों पर निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में ऊषा शाह, हिमेश्वरी भारद्वाज, सुमनलता, सुधा रानी, नीलम, पुुष्पा पाल, कुसुम दास, रजनी राठौर, उमा सैनी, बीना, बबीता, मीनू, शशि, बबली, नीलम, तरन्नुम सागर, शशि, मीना देवी, नाजिमा, संगीता, रुकसाना, आंचल, अमृता, मीना, ऊषा पाल, सुनीता, वंदना, अंजना पाल, सुदेश, रूबीना अंसारी, वर्षा, अंजुम, साशना, अंजु चौहान, रिता पंवार, बरिसा, सीमा, दीपा उनियाल, मेनका, सलोचा, कौशल्या आदि शामिल रहीं।
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‘सात हजार रुपये में घर चलाना बेहद मुश्किल’
सेलाकुई। विभिन्न सूत्री मांगों के समर्थन में सहसपुर प्रखंड ब्लॉक मुख्यालय में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में विधायक को ज्ञापन भेजा। कहा राज्य सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्हें मानदेय के नाम पर महज 7000 रुपये दिए जाते हैं, जिसमें घर खर्च चलाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने मानदेय को 18 हजार रुपये करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में शशि, संतोष, बिंदी देवी, कविता, कमलेश, राखी, हेमबाला, नीलम, शोभा, राजकुमारी, कला, भागीरथी, रीता, ममता, राजबाला, गीता देवी, खुशनसीब, लक्ष्मी, स्वदेश, सुमित, अनीता, कविता देवी, कनिजा, कुंता देवी, मनोरमा, कुसुम आदि शामिल रहीं।