इस सेल्फी के आधार पर उसकी उपस्थिति दर्ज होगी। इसी के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में जहां कनेक्टिविटी की समस्या है। उन क्षेत्रों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हाजिरी के लिए नई व्यवस्था में छूट दी जा सकती है।
विभागीय स्तर पर प्रतिदिन व्हाट्सअप से जिले वार आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। बता दें कि हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चमोली व उत्तरकाशी जिलों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जबकि अन्य जिलों में प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेेश में 20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं।
पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्येक दिन प्रदेश में कितने आंगनबाड़ी केंद्र खुल रहे हैं। इसकी भी मानीटरिंग की जा रही है। अब कार्यकर्ताओं को मानदेय तभी मिलेगा। जब वे हर रोज केंद्र पर पहुंच कर अपनी सेल्फी भेजेंगे।
- सौजन्या, सचिव, महिला एवं बाल विकास