सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को कौन खुश नहीं करना चाहता, संभवत: इसी मकसद से उत्तराखंड में एक मामला सामने आया है।
लालकुआं दुग्ध फैक्ट्री के अधिकारियों ने पैकेट बंद आंचल स्टैंडर्ड दूध की जगह खालिस दूध पिलाया। इसके लिए बुधवार को एक दुग्ध समिति से दो क्विंटल दूध मंगाया गया था, जो शाम तक साफ हो गया। यही नहीं दूध पिलाने के लिए 700 कुल्हड़ों की भी व्यवस्था की गई थी।
सर्किट हाउस में बुधवार को मंथन शिविर में कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए गरमागरम दूध की व्यवस्था करने को कहा गया था। बताते हैं कि लालकुआं दुग्ध फैक्ट्री ने आंचल का पैकेट बंद दूध भेजने के बजाय गौलापार खेड़ा की सुल्तान नगरी दुग्ध सहकारी समिति से सुबह दो क्विंटल दूध सीधे शिविर स्थल भेज दिया गया।