पुलिस को अंदेशा था कि इस कार का इस्तेमाल अमृतपाल ने भागने के लिए किया गया था और यह अंदेशा जोगा सिंह की गिरफ्तारी के बाद सही साबित हो रहा है। बताया जा रहा है कि जोगा सिंह अमृतपाल के साथ ही था और उसने अमृतपाल को भगाने में मदद की थी।
जोगा सिंह से अमृतपाल के यूपी में पनाह लेने को लेकर राज खुल सकते हैं। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि अब यह पूरा मामला पंजाब और पीलीभीत के बीच का है लेकिन जिले में पुलिस की टीम सतर्क हैं और संदिग्धों पर नजर रखे हुए है। कोई संदिग्ध चिह्नित होता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।