फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीजेपी के नेताओं का बड़ा इम्तिहान लेगा अमित शाह का यह अभेद्य‘चक्रव्यूह’

Wed, 13 Sep 2017 03:12 PM IST
विपिन बनियाल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
Amit Shah will come in uttarakhand
विज्ञापन
उत्तराखंड में बीजेपी सरकार और संगठन की असल स्थिति जानना केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह की पहली प्राथमिकता है।
विज्ञापन


फीडबैक सौ फीसदी शुद्घ आए, इसके लिए शाह ने जो चक्रव्यूह रचा है, उसे भेदना मुश्किल होगा। बीजेपी संगठन के सामने शाह ने जो प्लान रखा है, उसके हिसाब से तैयारियों में ही नेताओं का दम फूल रहा है।

जब अमित शाह सामने होंगे, तब क्या स्थिति होगी, इसे आसानी से समझा जा सकता है। कह सकते हैं कि बीजेपी के महारथियों का यह बड़ा इम्तिहान होगा। उनके सामने प्रभावशाली ढंग से पेश आने की चुनौती भी है।
विज्ञापन

शाह के दो दिनी कार्यक्रम के दौरान देखने के लिए मिलेंगी नई व्यवस्था

आधे घंटे में पूरे उत्तराखंड की तस्वीर सामने रखने की चुनौती
अमित शाह अपने दो दिनी दौरे से उत्तराखंड की पूरी स्थिति को अच्छे से समझ लेना चाहते हैं। ताकि मिशन 2019 के लिए जब एक-एक सीट पर नजर होगी, तब आज का होमवर्क काम आए। इस आधार पर ही पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन से लेकर कई नई व्यवस्था शाह के दो दिनी कार्यक्रम के दौरान देखने के लिए मिलेंगी। 

शाह का फरमान, मजबूती का अरमान
शाह अपने दो दिनी दून दौरे की शुरूआत इस बेहद अहम कार्यक्रम से ही करेंगे। उत्तराखंड बीजेपी के लिए आधे घंटे में पूरे उत्तराखंड की तस्वीर सामने रखने की चुनौती होगी। राजनीतिक, सामाजिक और तमाम अन्य पहलुओं को अनिवार्य रूप से इस प्रजेंटेशन का हिस्सा बनाना होगा।

बीजेपी समेत तमाम राजनीतिक दलों की मौजूदा, पूर्व स्थिति का विवरण देना होगा। इसके अलावा, आबादी, विभिन्न वर्ग जैसे विषयों को भी छूना होगा। शाह उत्तराखंड को लेकर अपनी जानकारी और प्रजेंटेशन के तथ्यों का मिलान करके चीजों की समीक्षा करेंगे।
 
विज्ञापन

दोहराव से होगा परहेज

शाह तक कोई भी कार्यकर्ता आसानी से अपनी बात पहुंचा सकेगा - फोटो : अमर उजाला
दो दिन में अमित शाह 21 कार्यक्रमों में भाग लेंगे। लंच और डिनर तक को कार्यक्रम में तब्दील किया गया है। हाईकमान के निर्देश के अनुसार, इस दौरान ये सुनिश्चित किया जाएगा कि बीजेपी के चार से पांच पदाधिकारियों के अलावा अन्य कोई भी नेता अन्य कार्यक्रमों में मौजूद न रहे।

इस व्यवस्था के पीछे मंशा ये ही है कि शाह तक कोई भी कार्यकर्ता आसानी से अपनी बात पहुंचा सके। किसी नेता की मौजूदगी से सूचना किसी तरह से प्रभावित न होने पाए।

सूचीबद्घ होंगे कार्यकर्ता
बीजेपी का पूरा संगठन हाईकमान के निर्देश पर बड़ी कवायद पर पसीना बहा रहा है। इसके अनुसार, शाह के सभी कार्यक्रमों में मौजूद रहने वाले कार्यकर्ताओं को सूचीबद्घ किया जा रहा है। बीजेपी का सबसे बड़ा कार्यक्रम साढे़ तीन हजार कार्यकर्ताओं की मौजूदगी वाला होगा, जिसे ओएनजीसी के ऑडिटोरियम में कराए जाने पर सहमति बनी है। इस कार्यक्रम के लिए भी सभी को सूचीबद्घ किया जा रहा है। यानी अमित शाह के सामने ये पूरी स्थिति साफ होगी कि वे किससे मिल रहे हैं।

केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे से पूरे संगठन में उत्साह का माहौल है। केंद्रीय नेतृत्व ने जिस योजना के तहत कार्यक्रम रखे हैं, उनका मकसद सिर्फ ये ही है कि संगठन को मजबूती मिले। अध्यक्ष जी पूरे देश में उन स्थानों पर जाकर असल स्थिति जानने की कोशिश कर रहे हैं, जहां पर बीजेपी की सरकारें हैं। प्रचंड बहुमत की स्थिति में यह जरूरी भी है।
-अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें