भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तराखंड के पार्टी नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया है। दोबारा अध्यक्ष बनने के बाद एक-एक कर चुनावी राज्यों के पार्टी नेताओं से मुलाकात कर रहे शाह ने मंगलवार को उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं संग बैठक की। शाह ने विधानसभा चुनाव में एक होकर उतरने, राज्य सरकार पर हमले तेज करने और जेएनयू विवाद को जनता के बीच निचले स्तर तक ले जाने के लिए कहा है।
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्टा और प्रदेश संगठन महामंत्री संजय ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों से शाह को अवगत कराया। प्रदेश इकाई ने देहरादून में 31 मार्च को होने वाली प्रदेश परिषद की बैठक के लिए शाह को आमंत्रित किया है। शाह ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए प्रदेश के अपने कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी है।
वैसे अनौपचारिक तौर पर विधानसभा में अजय भट्ट के उत्तराधिकारी का मुद्दा भी उठा मगर इस मामले में अभी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी है। बताया जा रहा है कि राज्य इकाई ने अजय भट्ट के अध्यक्ष बनने के बाद से हुए कार्यक्रमों की पूरी जानकारी शाह को दी है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भट्ट ने कहा कि मई तक के कार्यक्रमों की जानकारी पार्टी अध्यक्ष को दी गई है।
बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राम लाल, सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, श्याम जाजू, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, बीसी खंडूरी, भगत सिंह कोशियारी, त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रकाश पंत, राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी, पूर्व सांसद सतपाल महाराज, सांसद राज्यलक्ष्मी और अजय टम्टा भी मौजूद थे।
किशोर ने अमित शाह पर साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जेएनयू मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को निशाने पर लिया है। कांग्रेस भवन में मंगलवार को मीडिया से मुखातिब किशोर ने कहा कि इस सारे मामले के पीछे अमित शाह का खुराफाती दिमाग काम कर रहा है।
किशोर ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्र विरोधी किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। लेकिन, भाजपा की मंत्री स्मृति ईरानी जेएनयू जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय को बंद करने तक का बयान दे रही हैं। जेएनयू में पूरी तरह का लोकतांत्रिक माहौल है और वहां एबीवीपी तक का अध्यक्ष बना है।
किशोर ने कहा कि जेएनयू को विवादों में लाने में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का दिमाग काम कर रहा है और अमित शाह के इशारे पर ही एबीवीपी के छात्र इस काम को अंजाम दे रहे हैं। कांग्रेस इसके विरोध में 19 फरवरी को धरना देगी।
किशोर ने कहा कि आठ मार्च को महिला दिवस पर कांग्रेस दून में बड़ा सम्मेलन आयोजित करेगी। इस सम्मेलन में नारी शक्ति का सम्मान किया जाएगा और इसके बाद शहीद स्थल तक मार्च निकालकर महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने की शपथ ली जाएगी।
गनर वापस लेने के मामले में किशोर ने कहा कि उन्होंने उन कांग्रेस नेताओं की सूची भी मांगी है, जिनके पास गनर हैं। अभी तक पांच नेताओं ने गनर वापस करने का इरादा जताया है। मामले में किशोर मीडिया को भी नसीहत देते नजर आए। किशोर ने कहा कि उनकी मंशा सिर्फ इतनी है कि मुद्दों पर बहस हो। इसके उलट, मीडिया में रिपोर्ट किया जा रहा है कि किशोर की कोई सुन नहीं रहा है।