नरका चतुर्दशी के दिन विष कन्या योग, वैधव्य योग और पति भंजक योग का निवारण किया जाता है। भारतीय ज्योतिष शास्त्रों में ऐसे योगों को समाप्त करने के लिए छोटी दिवाली को उपयुक्त माना जाता है
बुधवार को इन्हीं योगों को समाप्त करवाने के लिए विभिन्न देशों से 13 महिलाएं अपने-अपने परिजनों के साथ हरिद्वार पहुंच अनुष्ठान में भाग लिया और सुखद जीवन की उम्मीद जताई।
भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी योग और ज्योतिष के प्रचार के लिए विदेश जाते रहते हैं। उसी दौरान भारतीय ज्योतिष में रुचि रखने वाले विदेशी साधक अपने दुख-दर्द बताते रहते हैं।
डॉ. मिश्रपुरी ने कईं स्त्रियों को नरका चतुर्दशी के दिन भारत पहुंचकर तीनों योगों से मुक्ति पाने की सलाह दी थी। उनकी सलाह पर अमेरिका के एक शहर के मेयर की बेटी एलीसन, हॉलैंड से स्टफनी, कनाडा से आभा डालाकोटी, जर्मनी से क्रिस्टीन, अमेरिका से पैटलस, आस्ट्रिया से फरमन क्रिस्टीन, ऑस्ट्रेलिया मैनी होम, अमेरिका से रेचल अंब्रियानों, स्वीडन से जेनीफर, चिली से निकोल हरगस, वहीं से नटली निम्सन और मैक्सिको से अनारोजा मंगलवार शाम हरिद्वार पहुंचे।