इन दिनों एक के बाद साइबर हमलों की खबर आ रही है। अभी मंगलवार को ही वानाक्राई के बाद एक बार फिर यूक्रेन, रूस और यूरोप में कई दिग्गज कंपनियों पर नए रैंसमवेयर का बड़ा साइबर हमला हुआ है। इसकी जद में भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट जेएनपीटी का एक टर्मिनल भी आया है।
बढ़ता साइबर क्राइम में हैकर कई तरह के क्राइम को अंजाम दे रहे हैं। जहां सिस्टम हैक कर एटीएम से पूरा कैश उड़ा रहे हैं, वहीं एक देश दूसरे देश की सुरक्षा में सेंध लगाकर गोपनीय सूचनाएं चुरा रहे हैं।
साइबर क्राइम से बचाव के तरीकों और इसकी जानकारी आज सबके लिए जरूरी हो गई है। आवासीय विवि अल्मोड़ा बीएससी इन साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है, ताकि युवा साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम कर सकें।
इस बारे में कुलपति प्रो. एचएस धामी ने बताया कि अमेरिका की कंपनी रेड आइटी इनोवेटर के सहयोग से पाठयक्रम संचालित किया जाएगा। यह कंपनी भारत में भूमि आईटी नाम से संचालित है।
कोर्स के लिए 30 सीटें निर्धारित
साइबर क्राइम सेल का दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला
बीएससी इन साइबर सिक्योरिटी तीन वर्षीय डिग्री कोर्स है। इसमें 30 सीटें होंगी। कंपनी ने इसके लिए नियुक्तियां भी शुरू कर दी हैं। जुलाई अंतिम सप्ताह तक प्रवेश संबंधी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आवासीय विश्वविद्यालय उत्तराखंड यह डिग्री कोर्स शुरू करने वाला पहला संस्थान है।
विश्वविद्यालय तीन वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम में बीएससी इन क्लाउड कंप्यूटिंग शुरू करेगा। इसके जरिये अत्यधिक डेटा को सुरक्षित रखने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीसरा डिग्री कोर्स बीएससी इन इंटरनेट ऑफ थिंग्स है।
इस कोर्स में इंटरनेट के जरिये सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को एक साथ लाने का अध्ययन होगा। इसके लिए भी 30-30 सीटें निर्धारित हैं। यह पाठ्यक्रम भी भूमि आईटी के सहयोग से संचालित करेगा।
पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन नहीं
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इस तरह के अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उत्तराखंड पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। आधुनिक उपकरणों का अभाव है। यही कारण है कि अपराधी नहीं पकड़े जा रहे हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक साइबर अपराध हर दिन नए-नए तरीके से घटित हो रहे हैं। इसलिए डाटा व एकाउंट सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी बढ़ गई।
जहां मन करे लाइक नहीं करना चाहिए। पासवर्ड का खास ख्याल रखें। अपने मोबाइल, लैपटॉप को सुरक्षित रखें। अंजान के हाथ में न पकड़ाएं।