बार एसोसिएशन के संविधान में संशोधन किया जा रहा है। इसके लिए कार्यकारिणी की ओर से संशोधन के प्रस्ताव की ड्राफ्टिंग कर ली गई है।
बार एसोसिएशन संविधान में संशोधन
इसे शुक्रवार को आमसभा में रखा जाएगा और सहमति के बाद ही ड्राफ्ट फाइनल कर इसमें संशोधन किया जाएगा। दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का चुनाव अब तक वे ही लड़ सकते थे जिनके पास कम से कम दस साल वकालत का अनुभव हो।
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जबकि उप प्रधान के लिए सात वर्ष, सचिव के लिए पांच, सह सचिव के लिए तीन, ऑडिटर के लिए पांच और लाइब्रेरियन के लिए पांच वर्ष की वकालत जरूरी थी। इसमें संशोधन का प्रस्ताव है। इसके अलावा कार्यकारिणी में एक महिला और पांच पुरुष पदेन सदस्य होंगे।
इनके लिए 25 वर्ष की वकालत निर्धारित होगी । वही नई सदस्यता के लिए फीस 250 से बढ़ाकर 1500 रुपए और आजीवन सदस्यता फीस 1250 से बढ़ाकर पांच हजार रुपए किए जाने का भी प्रस्ताव है।
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इसके साथ ही बार एसोसिएशन के सदस्य को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख की जाएगी। यह भी प्रस्ताव है कि चुनाव आचार संहिता प्रत्येक वर्ष एक जनवरी से लागू होगी।
ऐसे बनेंगे नए सदस्य
नया सदस्य बनने के लिए प्रार्थनापत्र दिए जाने के एक साल बाद आवेदक बार एसोसिएशन का सदस्य बनेगा। प्रार्थना पत्र देते समय संबंधित अधिवक्ता उसकी पहचान करेगा। एक वर्ष वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ प्रैक्टिस करने के बाद अनुभव प्रमाणपत्र जमा करने पर ही सदस्यता दी जाएगी।
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