देहरादून राजकीय इंटर कालेज पटेलनगर में गणतंत्र दिवस पर कक्षा सात के छात्र नबील अहमद की उर्दू सुनकर कोई भी चौंक जाएगा।
नबील खान गणतंत्र दिवस पर उर्दू में भाषण देंगे। नबील है तो कक्षा सात का छात्र लेकिन उर्दू पर इस बच्चे की गहरी पकड़ है। साथ ही वह हिंदी और अंग्रेजी पर भी अच्छा अधिकार रखता है। बेहतर बात यह है कि यह होनहार भाषण देने में भी बेहद निपुण हैं।
स्कूल प्रधानाचार्य ने पुरस्कार व सम्मान के लिए इसका नाम शासन को भेजा है। प्रधानाचार्य भीमदत्त बहुगुणा कहते हैं कि बच्चा पढ़ाई में अच्छा है। इसके अंदर सीखने की ललक है।
हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू पर समान अधिकार
वह हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू पर समान अधिकार रखता है। इसके अंदर नई नई बातें सीखनें की की प्रवृत्ति है। इसीलिए गणतंत्र दिवस के अवसर पर नबील उर्दू में भाषण देगा।
कक्षा में भाषण अभ्यास के दौरान नबील अहमद खान ने भाषण में यह साबित कर दिया कि उर्दू पर उसकी शानदार पकड़ है।
इस भाषण में वह संविधान निर्माण, गणतंत्र दिवस की तिथि के ऐतिहासिक महत्व, राष्ट्रीय आंदोलन और संविधान की विशेषताओं का कंटेंट है।
नए प्रकार की बाइक व कार बनाने की ख्वाहिश
नबील कहता है कि उसे भाषा, सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान सभी विषयों में रुचि है। विज्ञान के नियमों को जानने में उसकी खास रुचि है।
वह ऑटोमोबाइल इंजीनियर बन नए नए प्रकार की बाइक व कार बनाने की ख्वाहिश पाले है। इसके पिता डा. एमए खान पेशे से चिकित्सक हैं। लेकिन वह प्राइवेट स्कूल सिस्टम से अधिक सरकारी स्कूल पर विश्वास रखते हैं। वे कहते हैं कि सरकारी स्कूलों को बेहतर करना बेहद जरूरी है।
ऐसा करने से ही हमारा लोकतंत्र सफल हो पाएगा। इसलिए सरकारी स्कूलों पर सरकारों को अधिक निवेश करना चाहिए। प्रधानाचार्य डा. भीमदत्त बहुगुणा को विश्वास है कि यह बच्चा एक दिन देश का नाम ऊंचा करेगा।