विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लाइसेंसी हथियार जमा कराने के लिए पुलिस के नोटिस उन लोगों को भी तामिल हो गए, जिन्होंने अभी तक शस्त्र नहीं खरीदा है। देहरादून जिलाधिकारी रविनाथ रमन को भी ऐसा नोटिस पहुंचा है।
डीएम ने भी लिखित में जवाब दिया कि किन्हीं कारणों से वह अभी शस्त्र नहीं खरीद पाए हैं। असलाह बाबू के आफिस में लाइसेंस निर्गत होने की तारीख तो दर्ज हो जाती है, मगर शस्त्र न खरीदे जाने का कोई रिकार्ड नहीं होता है। पुलिस ने भी उसी रजिस्टर के हिसाब से नोटिस बनाकर तामिल करा दिए।
देहरादून जिले में 7988 शस्त्र लाइसेंस निर्गत हैं। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस ने शस्त्र जमा कराने के लिए लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी कर दिए थे। थाना स्तर पर पुलिस ने उन्हें तामिल कराया था। अब तक पांच हजार से अधिक लाइसेंसी हथियार थानों और गन हाउस में जमा हो चुके हैं।
बैंकों के गार्ड, सेना के कुछ अफसरों और सुरक्षा की दृष्टि से कुछ अन्य को शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इसी कड़ी में पुलिस ने जिलाधिकारी रविनाथ रमन को नोटिस जारी कर आवास पर तामील करा दिया था। दरअसल डीएम रमन के नाम भी शस्त्र लाइसेंस निर्गत है।
पुलिस को इस बात का इल्म नहीं था कि उन्होंने अभी शस्त्र नहीं खरीदा है। डीएम रविनाथ रमन ने भी इस पर किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई। बल्कि साधारण लाइसेंसधारक की तरह पुलिस नोटिस का जवाब भी दिया है। जवाब में शस्त्र क्रय नहीं न किए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा भी कुछ और लाइसेंस धारक है, जिन्होंने शस्त्र नहीं खरीदा है।
सूत्रों के मुताबिक शस्त्र लाइसेंस निर्गत होने पर उसका रिकार्ड असलाह बाबू के आफिस में दर्ज हो जाता है। हालांकि नियम तो यह है कि शस्त्र खरीदने के बाद संबंधित थाने में उसका पंजीकरण कराया जाता है। चुनाव से पहले पुलिस ने असलाह बाबू आफिस के रजिस्टर के हिसाब से नोटिस जारी कर दिए।
लाइसेंसी हथियार जमा कराने को लेकर पुलिस की तरफ से नोटिस तामिल हुआ था। पुलिस को जवाब दिया गया है कि वह किन्हीं कारणों से अभी तक शस्त्र नहीं खरीद पाए हैं।
- रविनाथ रमन, जिलाधिकारी
पुलिस की तरफ से लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने के लिए प्रत्येक शस्त्र धारक को नोटिस जारी किया है। रूटीन में ही जिलाधिकारी रविनाथ रमन को नोटिस भेजा गया। शस्त्र खरीदे न जाने का जवाब भी पुलिस को मिल गया है।
- स्वीटी अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक