जानें कैलाश खेर के बारे में
बगड़ बम-बम लहरी...फेम सूफी गायक कैलाश खेर ने 18 भाषाओं में गाने गाये हैं। इन दिनों दौलत शोहरत गीत से सुर्खियां बटोर रहे कैलाश बॉलीवुड में 300 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दे चुके हैं। कैलाश खेर को संगीत मानों विरासत में मिली हो। उनके पिता पंडित मेहर सिंह खेर पुजारी थे और अक्सर घरों में होने वाले इवेंट में परंपरागत लोक गीत गाया करते थे। कैलाश ने बचपन में पिता से ही संगीत की शिक्षा ली। इसके बाद 13 साल की उम्र में वह संगीत की और बेहतर शिक्षा के लिए परिजनों से बगावत करके दिल्ली चले गए। यहां आकर उन्होंने संगीत की शिक्षा के साथ ही गुजारा करने के लिए छोटा सा काम भी शुरू किया। साथ में विदेशी लोगों को संगीत भी सिखाकर पैसे कमाते थे।
कैलाश ने मुंबई में कई सालों तक संघर्ष किया। फिल्म अंदाज से उन्हें ब्रेक मिला। इस फिल्म में कैलाश ने ''''रब्बा इश्क ना होवे'''' में अपनी आवाज दी। फिल्म वैसा भी होता है के गीत ''''अल्ला के बंदे हम'''' ने उन्हें रातोंरात सुरों का सरताज बना दिया। दर्जनों अवार्ड हासिल कर चुके कैलाश खेर ने 2009 में मुंबई निवासी शीतल से शादी की। उनका एक चार साल का बेटा कबीर है। बाहुबली 2 फिल्म में जयजकारा से लेकर उन्हें भगवान शिव की स्तुति पर आधारित कई गीतों के लिए शोहरत हासिल है।