कार्यक्रम में स्थानीय विधायक गणेश जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव एकेडमी के निदेशक संजीव चोपड़ा, डीआईजी अरुण मोहन जोशी, होटल मधुबन हाईलैंड्स के मालिक एसपी कोचर, नगर पालिका सभासद जसबीर कौर, आरती अग्रवाल, गीता कुमाई, नंदलाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, मसूूरी ट्रेड एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल व सचिव जगजीत कुकरेजा, एमडीडीए के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर श्याम मोहन शर्मा, एमएचए के महासचिव संजय अग्रवाल, होटल मधुबन हाईलैंड्स के मनु कोचर, होटल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष संदीप साहनी, सोशल एम्पावरमेंट टू उत्तराखंड (सेतु) के सचिव आलोक महरोत्रा, संयुक्त सचिव राजेश गोयल, जीएस मनचंदा, पर्यटन विभाग के जन संपर्क अधिकारी कमल किशोर जोशी, जल संस्थान के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके सैनी, एई टीएस रावत, आरओ कैंपटी नीलम बर्थवाल, इतिहासकार गोपाल भारद्वाज, पेयजल निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुभाष चंद्र, एई आरके कांबोज और कमांडर प्रकाश महरोत्रा शामिल हुए।
पर्यटन सीजन में मसूरी को जाम के झाम से बचाने के लिए पुलिस ने तैयारियां करनी शुरू कर दी हैं। इसके तहत मसूरी के क्रिंकेग पहुंचने के बाद पार्किंग की व्यवस्था वैले सिस्टम के तहत चलेगी। मसूरी के स्थानीय लोग आपसे गाड़ी लेकर व्यवस्थित तरीके से पार्क कराएंगे।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला संवाद में पहुंचे डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि इस पर्यटन सीजन से सभी पार्किंग फुल होने के बाद ही देहरादून से मसूरी जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मसूरी की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए सचिव गृह खुद योजनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मसूरी को पूरी तरह व्हीकल फ्री करने की योजना है। अगले कुछ वर्षों में रोपवे का निर्माण कर लिया जाएगा।
इसके बाद मसूरी पहुंचने वाले पर्यटकों को मुफ्त गोल्फ कार्ट से शहर की सैर कराई जाएगी। इससे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि शिव मंदिर और जाखन में वाहनों की पार्किंग बनेगी। यहां से केवल स्थानीय वाहन ही मसूरी की तरफ जा सकेंगे। बोलेविया के लापास की ट्रैफिक व्यवस्था का अध्ययन कर योजना पर काम किया जा रहा है।
लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव एकेडमी (एलबीएसएनएए) के निदेशक संजीव चोपड़ा ने मसूरी में पर्यटन की बेहतरी के लिए हेलीपैड की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को सुविधाएं मिलने से मसूरी में इनकी संख्या बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1985 में मसूरी के पर्यटन उद्योग में गिरावट आई तो यहां एलबीएसएनएए की स्थापना की गई। उस समय प्रशिक्षु अधिकारी और उनके अभिभावक मसूरी के स्थानीय बाजारों से खरीदारी करते थे। ड्रेस, जूते, बैग, किताबें समेत अन्य सामान स्थानीय दुकानदारों से खरीदते थे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों और दुकानदारों के बीच मधुर संबंध होते थे।
कई बार उधार भी सामान दे देते थे। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ मसूरी में पर्यटकों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इसके साथ ढांचागत विकास नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने बिजली और पानी की आपूर्ति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक, पार्किंग, सफाई जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की बहुत जरूरत है।